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न पीपीई किट, न ग्लव्स, न फेस मास्क...

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फोटो संख्या 31- जूनियर डाक्टर को समझाते कुलपति डा. राजकुमार व पुलिस वल - फोटो : ETAWHA
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सैफई। देश में कोरोना से हाहाकार मचा हुआ है। वहीं, अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इन सुविधाओं को लिए उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के जूनियर डॉक्टरों ने बुधवार को हड़ताल कर इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर के गेट के सामने धरना दिया। कुलपति हाय हाय के नारे लगाये। जिसकी वजह से विश्वविद्यालय में सभी स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई। मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि उन्हें किसी भी तरह की सुविधा नहीं मिल रही है। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि वह पिछले 13 माह से कोविड ड्यूटी कर रहे हैं। जिसका असर उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। कई बार इस संबंध में शिकायत करने पर भी उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। सिर्फ झूठा आश्वासन दिया जाता है। कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। डॉक्टरों ने कहा कि अस्पताल में फेस मास्क, पीपीई किट और ग्लव्स तक की दिक्कत है। उसके बाद अस्पताल प्रबंधन की तरफ से व्यवस्था नहीं की गई ।
मालूम हो बुधवार को जूनियर डॉक्टरों का गुस्सा उस समय फूटा जब उनके एक साथी डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर प्राइवेट रूम खोलने की बात कही। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट मना कर दिया। कहां गया कि यह जो रूम खाली हैं वे सिर्फ वीआईपी लोगों के लिए रखे गए हैं। इसी बात पर नाराज होकर बड़ी संख्या में जूनियर डॉक्टर एकत्रित होकर विश्वविद्यालय के इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर के सामने जमीन पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे।
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नर्सिंग एसोसिएशन ने दिया था ज्ञापन
मंगलवार को नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गोयल एवं जूनियर डॉक्टरों ने एकत्रित होकर प्रशासनिक भवन का घेराव किया था। मूलभूत सुविधाओं को 24 घंटे के अंदर उपलब्ध कराने की लेकर कुलपति के नाम 10 सूत्री ज्ञापन में हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी। विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुरेश चंद शर्मा ने मांगों को 48 घंटे में पूर्ण कराने का आश्वासन दिया था। कुलसचिव सुरेश चंद शर्मा का कहना है जूनियर डॉक्टरों को समझाया जा रहा है। जल्द ही हड़ताल समाप्त कर काम पर लौट आएंगे।
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