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बैंकों की हड़ताल से करीब 60 करोड़ का लेनदेन प्रभावित

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फोटो संख्या 11-शहर में जुलूस निकाल कर प्रर्दशन करते कर्मचारी - फोटो : ETAWHA
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इटावा। सोमवार को हड़ताल की वजह से जिले में करीब 60 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। परेशानी की एक वजह ज्यादातर एटीएम में रुपये न होने से भी हुई। ज्यादातर बैंकों के एटीएम भी बंद रहे और जो खुले थे उनमें रुपये नहीं थे। हड़ताल मंगलवार को भी जारी रहेगी। दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को बैंक आए लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। दो बैंकों के निजीकरण प्रस्ताव के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आवाहन पर सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल के चलते बैंकों में ताला लटका रहा। कर्मचारी बैंकों के बाहर धरना-प्रदर्शन करते रहे। बैंक कर्मियों ने यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर के साथ शहर की सड़कों पर नारेबाजी करते हुए जुलूस भी निकाला।
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बैंक कर्मी विमल कुमार पांडेय की अध्यक्षता में कर्मचारियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा की न्यू कॉलोनी शाखा के बाहर प्रदर्शन किया। यूनियन के प्रदेश संयुक्त महामंत्री गगन यादव ने कहा कि सरकार निजीकरण के बाद बैंकों को सामाजिक जरूरतों को पूरा करने के लिए नहीं बल्कि विशुद्ध रूप से निजी लाभ के लिए चलाना चाहती है। शाखा प्रमुख संजय निरंजन ने कहा ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन, बीमा कंपनी समेत विभिन्न क्षेत्रों के कामगारों के संघों की 84 यूनियन ने साथ मिलकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की सरकार की योजना के खिलाफ 15 मार्च से दो दिवसीय हड़ताल के लिए बैंक यूनियनों के आह्वान का समर्थन किया है।
पंजाब नेशनल बैंक के सचिव शांतनु ने कहा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण एक जनविरोधी कदम है। निजीकरण असामाजिक भी है, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के साथ-साथ केंद्र सरकार ने बिजली क्षेत्र समेत अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के निजीकरण की नीति अपनाई है। हम सभी उस नीति की निंदा करते हैं जो अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में काम करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के पूरी तरह खिलाफ हैं और कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में तैयार की गई है।
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उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा जनता का धन निजी हाथों में लूटने के लिए नहीं दिया जा सकता। पूर्व संयुक्त सचिव मंशाराम ने कहा कि सरकार आम नागरिकों का धन कुछ उद्योगपतियों को देना चाहती है, जो आम नागरिकों और देशहित में नहीं है। अगर सरकार ने बैंकों का निजीकरण किया तो बैंक कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।
बैंक ऑफ बड़ौदा न्यू कॉलोनी शाखा के बाहर प्रदर्शन करने वालों में नीतू, राहुल, रामचंद्र कश्यप, ब्रजभूषण, सनी, मनीष, विनय, अरुण, राजेश, पुलकित, मनमोहन समेत तमाम बैंक कर्मी शामिल रहे।
एटीएम बंद होने से नहीं निकाल सके रुपये
शास्त्री चौराहा स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के एटीएम से रुपये निकालने आए पक्का तालाब निवासी राजू चौहान ने बताया कि उन्हें बिजली का बिल जमा करने के लिए रुपये निकालना था, लेकिन बैंक का एटीएम बंद है।
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