फोटो संख्या 15 - गांधी नगर के नाले को बस स्टैंड तिराहा वाले नाले से जोड़ने का होता निर्माण कार्य
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इटावा। दशकों से गांधी नगर सहित लाइन पार के कई क्षेत्रों में जल निकासी की समस्या का गुरुवार को समाधान हो गया। गांधी नगर रेलवे लाइन के पास से नाले के पानी की निकासी लंबे समय से गंभीर समस्या बनी हुई थी। रेलवे ट्रैक के कारण इस नाले का निकास ट्रैक के पार नहीं हो पा रहा था। लंबे समय की कवायद के बाद आखिरकार इस समस्या का निदान हो गया। शहर की कई शिकायतों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने इस नाले की समस्या के निस्तारण को प्राथमिकता दी थी।
लाइन पार के गांधी नगर, अड्डा गूलर, भरथना चौराहा क्षेत्र के मोहल्ले, अशोक नगर व इस क्षेत्र से सटी नव विकसित कॉलोनियों के पानी की निकासी के लिए सालों से स्थित नाला जल भराव के कारण इसके आसपास रहने वालों के लिए नासूर बना हुआ था। लोगों की शिकायत थी इस नाले की फौरी तौर पर सफाई कर औपचारिकता कर ली जाती है। कुछ लोगों का तो यहां तक कहना था कि जब से वे पैदा हुए हैं तब से ही यह नाला भरा रहता है और ओवरफ्लो के बाद घरों तक में पानी भरता है। कुछ दिनों पूर्व जिलाधिकारी ने शहर की प्रमुख समस्याओं को लेकर नगर पालिका व अन्य अधिकारियों संग बैठक की थी, जिसमें इस नाले की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया था। डीएम के निर्देश पर बैठकों व कार्ययोजना के बाद रेलवे के अधिकारियों से वार्ता कर इस नाले को रेलवे ट्रैक के नीचे से पार ले जाकर बस स्टैंड तिराहा वाले नाले से जोड़ने का प्रस्ताव पारित हुआ।
रेलवे ने नगर पालिका पर किया था 30 हजार का जुर्माना
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी ने इस गंभीर समस्या का संज्ञान लिया और उनके निर्देश पर रेलवे ट्रैक के नीचे से गुजारते हुए इसे बस स्टैंड तिराहा वाले नाले से जोड़ दिया गया है। गत 18 जनवरी से इस नाले पर काम शुरू हुआ। 28 जनवरी गुरुवार की रात इस नाले से लाइन पार क्षेत्र के इस नाले से पानी निकासी शुरू हो गई। लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे लाइन पार के लोगों को इससे बड़ी राहत मिली है। उन्होंने बताया कि पिछली साल इस नाले की सफाई कराने के दौरान रेलवे सिग्नल की केबल कट जाने पर काम बाधित हो गया था। इसके लिए रेलवे ने पालिका पर पर 30 हजार रुपये जुर्माना किया था। इसके बाद से रेलवे और स्थानीय प्रशासन के समन्वय में देरी के कारण समाधान में देरी हुई।