इटावा। पंचायत चुनाव का सारा दारोमदार आरक्षण प्रक्रिया को लेकर है। आरक्षण का खाका 25 जनवरी के बाद ही तय हो सकेगा। पंचायत चुनावों की दृष्टि से अगला सप्ताह महत्वपूर्ण होगा।
हालांकि आरक्षण की व्यवस्था को लेकर अभी शासन स्तर से कोई नीति निर्धारित नहीं की गई है। उम्मीद है कि 24 जनवरी के बाद आरक्षण निर्धारण के संबंध में शासनादेश जारी हो सकता है। आरक्षण जारी होने के बाद आपत्तियां आमंत्रित करने और अंतिम सूची जारी करने में 15 दिन का समय लग जाएगा।
जिले में 471 ग्राम पंचायतों में इतने ही प्रधान, 5903 ग्राम पंचायत सदस्यों, 8 ब्लाक प्रमुखों, 582 क्षेत्र पंचायत सदस्यों, जिला पंचायत के 24 सदस्य व अध्यक्ष के पदों का आरक्षण तय होना है। आरक्षण की स्थिति फाइनल होने के बाद ही दावेदारों की स्थिति साफ हो सकेगी। चुनाव लड़ने की तैयारी में बैठे दावेदार चुनाव लड़ पाएंगे या नहीं इसका फैसला आरक्षण जारी होने के बाद ही होगा।
नियमों के मुताबिक ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत तथा एससी, एसटी के लिए 22 प्रतिशत आरक्षण किया जाना है। इसके साथ ही कुल मिलाकर 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए भी होना है। हालांकि सरकार की ओर से अभी यह फाइनल नहीं किया गया है कि आरक्षण किस तरह से होगा। पिछले आरक्षण को शून्य करके नए सिरे से आरक्षण होगा या फिर चक्रानुक्रम के अनुसार सीटों का आरक्षण किया जाएगा। इन दोनों ही स्थितियों में आरक्षण में काफी फेरबदल हो सकता है।
जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह ने बताया कि आरक्षण को लेकर अभी तक शासन से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। जिले में परिसीमन का कार्य पूरा करा लिया गया है।