इटावा। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं दुग्ध उत्पादक समितियों का गठन करेंगी। जिलाधिकारी श्रुति सिंह की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को बैठक हुई। इसमें जनपद के विकास खंड महेवा, भरथना एवं चकरनगर में दुग्ध उत्पादक समितियों के गठन करने पर सहमति प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि इन समितियों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालकों को स्थानीय मूल्य की अपेक्षा 7-10 रुपये प्रति लीटर अधिक मूल्य प्राप्त होगा। पशु पालकों को पशुओं को खिलाने-पिलाने रख-रखाव, उन्नत नस्लें आदि की जानकारी दी जाएगी। इससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी। महिलाओं को वैकल्पिक आय का साधन उपलब्ध हो सकेगा। यह महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक स्तर को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। प्रायोगिक तौर पर विकास खंड महेवा से शुभारंभ किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने कहा कि दुग्ध उत्पादक समिति के निर्माण से ग्रामीण महिलाएं दूध को ग्राम स्तर पर ही बिक्री कर बिचौलियों से मुक्ति पा सकेंगी। जिससे महिलाओं को दूध का उचित मूल्य प्राप्त हो सकेगा। उपायुक्त स्वत: रोजगार बृज मोहन अंबेड ने बताया कि वर्तमान में विकास खंड महेवा के 10 गांवों का सर्वे हो चुका है। जल्द ही इन गांव में अमूल दूध की खरीद शुरू की जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का पशुपालन के प्रति रुचि बढ़ेगी। जिससे महिलाओं को दूध का उचित मूल्य प्राप्त होगा। अमूल से इन समितियों को बिना किसी अग्रिम धनराशि के 55000 रुपये की मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। बैठक में अमूल से ललित मिश्रा एवं उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जनपद व विकास खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।