इटावा। कौमी तहफ्फुज कमेटी के संयोजक खादिम अब्बास ने सामाजिक क्रांति के योद्धाओं की गौरव गाथा को जन-जन तक पहुंचाने के कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कटरा फतेह महमूद खां में हाजी जमीर अहमद के निवास पर चौपाल लगाई।
सर्वप्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित देवी दयाल दुबे, पूर्व सांसद क्रांतिकारी कमांडर अर्जुन सिंह भदौरिया, आजाद हिंद के सेनानी रहे किशन लाल जैन एवं पूर्व विधायक प्रोफेसर सहदेव सिंह यादव तथा मौलवी फिदा हुसैन के जीवन दर्शन के साथ उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। खादिम अब्बास ने कहा कि युवा पीढ़ी अपने महापुरुषों का इतिहास भूलती जा रही है। संत कबीर, संत शिरोमणि रविदास, रहीम और रसखान ने समाज को क्या संदेश दिए, उसका हमें कोई ज्ञान नहीं है।
गांधी, आंबेडकर, लोहिया, मौलाना अबुल कलाम आजाद एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने देश को एकता के सूत्र में बांधने के लिए जंगे आजादी में जो बलिदान और त्याग किया उसकी भी जानकारी हमारे नौजवानों को नहीं है। खादिम ने कहा कि आजादी के महान क्रांतिकारियों में जिसमें शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान ने मिलकर बलिदान किया। बलिदानियों की गौरव गाथा जानो अभियान में डॉ. धर्मेंद्र कुमार, समाजसेवी रमेश प्रजापति महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।