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नए साल के पहले दिन लोगों ने धर्मस्थलों में माथा टेककर की सुख समृद्धि की कामना

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इटावा। नए साल का लोगों ने न सिर्फ पटाखे और आतिशबाजी करके बल्कि दिल खोलकर अपने-अपने अंदाज में स्वागत किया। होटलों में युवाओं ने रात 12 बजते ही फिल्मी गीतों पर जमकर डांस किया। सुबह से लोग अपनी व परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मदिरों और गुरुद्वारों में माथा टेकने पहुंचे। नए वर्ष के मौके पर देवी भक्तों की गहरी आस्था का केंद्र माने जाने वाले काली बांह मंदिर के पूरे परिसर को फूलों, आकर्षक पंडाल और मुख्य द्वार को काफी भव्यता के साथ सजाया गया था।
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मंदिर आए देवी भक्तों को दूर से ही दर्शन कराए गए और पुजारी मंदिर के मुख्यद्वार पर बल्लियों के बाहर से भक्तों के प्रसाद को लेकर माता को अर्पित करने में लगे रहे। भीड़ देखकर ऐसा लगा जैसे नवरात्र के दिन हो। केमिस्ट कारोबारी एवं देवी भक्त नवीन मेहरोत्रा ने बताया काली बांह मंदिर के प्रति उनकी काफी गहरी आस्था है। नववर्ष के मौके पर लगातार 12 साल से मंदिर में फूल बंगला बनवाकर 56 भोग लगवा रहे हैं। भंडारा का आयोजन भी होता है। मंदिर के बाहर मेले जैसा नजारा था। माता के दर्शन के बाद लोग भैरो नाथ के दर्शन के लिए चढ़ाई चढ़कर पहुंचे। बड़ी संख्या में साधु-संत भी बैठे रहे।
शहर के अन्य मंदिरों में कचौरा साईं मंदिर, पक्का तालाब स्थित साईंनाथ धाम मंदिर, चौगुर्जी स्थित प्राचीन शिव मंदिर, प्रधान डाकघर के सामने हनुमान मंदिर, टिक्सी महादेव मंदिर, श्रीकालीबाड़ी मंदिर, श्रीशिवशक्तिधाम मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भी लोग साल के पहले दिन माथा टेकने पहुंचे। फर्रुखाबाद फाटक स्थित गुरु तेगबहादुर गुरुद्वारा में भी सिक्ख समाज के लोगों ने साहिब के दरबार में माथा टेककर परिवार के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। गुरुद्वारा के बाहर प्रसाद भंडारा रूपी प्रसाद वितरण किया गया।
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