बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के निर्माण का निरीक्षण करते उपजिलाधिकारी ताखा नंद प्रकाश मौर्य और तहसील?
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इटावा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की राह में आने वाले 1265 पेड़ ताखा तहसील क्षेत्र से हटाए जाएंगे। वहीं, वन विभाग को यूपीडा इससे दस गुना ज्यादा पेड़ लगाने के लिए धनराशि अदा करेगा। वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद तहसील अधिकारियों की अनुमति से किसान इन पेड़ों की लकड़ी काटकर स्वयं उपयोग में ले सकेंगे।
इटावा से चित्रकूट तक 297 किलोमीटर तक जाने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के ताखा तहसील क्षेत्र में आने वाले हिस्से की ग्राम पंचायत कुदरैल, ताखा, ककराही, बेलाहार, के किसान अपने पेड़ काट सकेंगे । पेड़ काटने के लिए तहसील अधिकारियों ने वन विभाग से अनुमति मांगी है, लेकिन धनराशि जमा न होने के कारण वन विभाग ने अभी अनुमति नहीं दी है। नियमत जितने पेड़ काटे जाते हैं उससे दस गुना वृक्ष लगाने का नियम हैं । इसके लिए पहले किसानों को धनराशि जमा करके अनुमति लेने को कहा गया था । लेकिन बाद में यूपीडा द्वारा धनराशि जमा करने पर सहमति देने के बाद अब तहसील में वन विभाग की अनुमति का पत्र आने का इंतजार है। ताखा तहसील क्षेत्र में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निर्माण के रास्ते में 1265 पेड़ आएंगे जिन्हें काट दिया जाएगा।
इस संबंध में तहसीलदार ताखा श्रीराम यादव ने बताया कि यूपीडा ने वनविभाग को धनराशि अदा करने की बात कही है हालांकि अभी वन विभाग से अनुमति का पत्र नहीं मिला है। अनुमति का पत्र आने के बाद किसानों को अनुमति दी जाएगी।
एक्सप्रेसवे के निर्माण के रास्ते में आने वाले पेड़ों को हटाने के लिए आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे के नियमों से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के नियमों में बदलाव किया गया है। जहां आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे में किसानों को उनकी भूमि पर खड़े पेड़ का मुआवजा दिया गया था, जबकि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे में किसानों को अपना पेड़ काट कर उपयोग में लाने की छूट रहेगी।
उपजिलाधिकारी ताखा नंद प्रकाश मौर्य ने बताया कि अनुमति लेने के बाद किसान को अपना पेड़ काट कर लकड़ी के उपयोग की छूट रहेगी।