इटावा। शहर के रामलीला मैदान पास रविवार को आरएसएस की जिले में लगने वाली 110 शाखाओं का संगम कार्यक्रम हुआ। इसमें स्वयं सेवकों को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने के साथ राष्ट्र के प्रति कर्तव्य का बोधा कराया गया। बौद्धिक सत्र में जैन मुनि ने रामराज्य की स्थापना के लिए मांस, मदिरा और दूषित मानसिकता का त्याग करने की सीख दी।
संघ के प्रांत प्रचारक संजय ने शाखाएं केवल खेलकूद की कवायद मात्र नहीं हैं, बल्कि देशभक्ति की ऐसी प्रयोगशाला हैं, जहां हम खेलते-खेलते राष्ट्रीय भावना वाले स्वयंसेवक तैयार करते हैं। उन्होेंने कहा कि जिस मातृभूमि पर जन्म लिया, उस देश औऱ समाज के प्रति हमारे कुछ कर्तव्य हैं। जैसी करुणा और अपनत्व की भावना हमारी अपने परिवार के प्रति होती है, वैसी ही भावना देश और समाज के प्रति हो, यह दृष्टि पैदा करने के संस्कार हमारी इन शाखाओं में दिए जाते हैं। विभिन्न प्रकार की शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से शाखा में परस्पर बिना किसी भेदभाव के एकसाथ मिलजुल कर काम करने तथा सक्षम नेतृत्व विकसित करने के संस्कार देने का कार्य किया जाता है।
प्रांत प्रचारक ने बताया कि समाज में सुधार के लिए संघ धर्म जागरण सभा, सामाजिक समरसता, ग्राम संस्कृति को मजबूत करना यथा- मेरा गांव- मेरा तीर्थ, गो संवर्द्धन के लिए गो आधारित खेती को बढ़ावा देना, पर्यावरण रक्षा के लिए जल संरक्षण, पेड़ लगाना, प्लास्टिक हटाने के लिए अभियान भी चला रहा है। उन्होंने
जैन मुनि आचार्य विराग सागर महाराज ने कहा कि हमारे ऋषि मुनियों, भगवंतों व महापुरुषों ने जिस तरह इस देश की धरती को सींचा है और अहिंसा व मानवता के जो संस्कार दिए, यदि हम उसी रास्ते पर चलें तो आज भी फिर यहां राम राज्य आ सकता है। उन्होंने लोगों से मांसाहार व नशा न करने, गाय और बेटी बचाने का संकल्प भी कराया। मंच पर सह विभाग संघ चालक विनोद चंद्र पांडेय व जिला संघ चालक रामनरेश वर्मा, विभाग प्रचारक मधुराम, विभाग कायवाह प्रदीप भदौरिया, अखिलेश सिंह, मनीष, अनिल चौधरी, रामू, अजय भारती, डा.रमाकांत शर्मा आदि उपस्थित रहे। संचालन विभाग प्रचार प्रमुख राम प्रकाश पोरवाल ने तथा शाखाओं का संचालन जिला प्रचारक विनय एवं जिला शारीरिक प्रमुख मनीष ने किया।