इटावा। कोरोना के कहर के बीच इटावा सफारी पार्क से एक अच्छी खबर आई है। गुजरात से लाई गई शेरिनी जेनिफर ने बुधवार सुबह करीब तीन बजे एक शावक को जन्म दिया। जेनिफर का ये दूसरा बच्चा है। इसके पहले वह गुजरात में एक बच्चे को जन्म दे चुकी है। शेरनी व शावक की देखरेख के लिए मेडिकल स्टाफ समेत छह लोगों की ड्यूटी लगाई गई है।
जेनिफर समेत सात शेर और शेरनी बीते 25 सितंबर को गुजरात से इटावा सफारी पार्क में लाए गए थे। इसी साल जनवरी में जेनिफर गर्भवती हो गई। इस खुशखबरी को सफारी प्रशासन पूरी तरह दबाए रहा। सफारी के निदेशक वीके सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह करीब तीन बजे जेनिफर ने एक शावक को जन्म दिया। जन्म के करीब 23 मिनट बाद ही शेरनी ने शावक को अपना दूध भी पिलाया। उसके बाद बाड़े में ही उसे मुंह में दबाकर इधर-उधर रखा। निदेशक ने बताया कि दूध पिलाने का मतलब है कि शेरनी ने शावक को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर शेरनी बच्चे को दूध नहीं पिलाती हैं, उस स्थिति में काफी दिक्कतें आती हैं।
निदेशक ने बताया कि शेरनी और उसके शावक को एनीमल हाउस नंबर दो में रखा गया है। उनकी देखरेख के लिए एक डॉक्टर, दो मेडिकल स्टाफ, दो कीपर और एक सफाईकर्मी को लगाया गया है। डॉक्टर की देखरेख में कर्मचारी 24 घंटे बारी-बारी से शेरनी और शावक की देखरेख करेंगे। शेरनी की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। उसके बाड़े में सीसीटीवी कैमरा भी लगाया गया है।