फोटो संख्या 11- यमुना के किनारे के गांव में बाढ़ से डूबी किसानों की फसल
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बकेवर। यमुना किनारे किसानों की सैकड़ों एकड़ बाजरा, सब्जी एवं कचरिया आदि फसलें पानी में डूबने से नष्ट हो गई हैं। किसानों का जुताई बुवाई और बीज का काफी नुकसान हो गया है।
यमुना के उत्तरी किनारे बकेवर और लवेदी क्षेत्र के गांवों लखनपुरघार, कछपुरा, तीर की मड़ैया, इकनौर, मड़ैया दिलीप नगर, पठा, अंदावा की मड़ैया, मड़ैया मल्हान, मड़ैया यादवान, चिन्डोली, ग्राम मुचाई सहित करीब एक दर्जन गांव हैं। जहां किसानों ने बाजरा की फसल अन्य सब्जियां कचरिया आदि बो रखी थी। वह पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। ग्राम लखनपुरघार के सुभाष की दरहरी और भिंडी की 3 बीघा फसल नष्ट हो गयी। दीपक की दो बीघा कचरिया की फसल पानी में डूबने से सड़ गई। सुनील और छुन्ना की करीब 6 बीघा फसल डूब गई। कछपुरा के किसान रंजीत की बाजरा और कचरिया की फसल डूब गयी। फूलसिंह की दो बीघा, कोमल सिंह की दो बीघा खीरा की फसल डूबकर नष्ट हो गयी। वीरसिंह की 8 बीघा की कचरिया की फसल नष्ट हो गयी। राजनाथ व राम सिंह की भी फसल नष्ट हो गयी। इस तरह ही मड़ैया मल्हान, मडै़या दिलीप नगर, पठा, मड़ैया अंदावा, मड़ैया यादवान में काफी कछार की फसल नष्ट हो गयी।
एसडीएम चकरनगर सत्यप्रकाश ने बताया कि काफी फसल डूबी है। इसका आंकड़ा अभी पूरा नही मिला है। लेखपालों की टीम लगाकर कितनी जमीन डूबी हैं। इसका पता लगाया जा रहा है। पहले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की प्राथमिकता है।