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तीन महीने में एक भी लाभार्थी को बैंकों ने नहीं बांटा ऋण

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कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक करतीं जिलाधिकारी श्रुति सिंह - फोटो : ETAWAH
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इटावा। चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में बैंकों की ओर से आजीविका मिशन के तहत एक भी बेरोजगार को ऋण नहीं दिया गया। ऋण योजनाओं की धीमी गति और बैंक अफसरों के लापरवाह रवैये पर जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने नाराजगी जताई है। लक्ष्य के मुकाबले अभी तक केवल 10 फीसदी आवेदन ही मंजूर हुए हैं।
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बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला सलाहकार समिति और जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में बैंक ऑफ इंडिया की ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। बैठक में जिलाधिकारी को जानकारी मिली कि अभी तक किसी भी बैंक ने ऋण वितरण नहीं किया है। इंडियन बैंक, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक एवं स्टेट बैंक ने अभी तक कोई भी प्रार्थना पत्र स्वीकृत ही नहीं किया है। उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया के किसी प्रतिनिधि के न आने पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी को इस संबंध में पत्र लिखने के निर्देेेेश दिए।
आजीविका मिशन की समीक्षा में बताया गया कि 2800 प्रार्थनापत्र विभिन्न बैंकों को ऋण स्वीकृत करने और उपलब्ध कराने के लिए भेजे गए। इनमें से अभी तक 270 प्रार्थनापत्र मंजूर किए हैं। अभी तक किसी भी बैंक ने ऋण वितरण नहीं किया है। जिलाधिकारी ने समीक्षा में पाया कि केसीसी नवीनीकरण की प्रगति काफी खराब है। इस पर असंतोष जताते हुए जिला कृषि अधिकारी/एलडीएम को निर्देशित किया कि केसीसी के नवीनीकरण कैंप लगाकर किसानों को जागरूक करें। उन्होंने प्रार्थना पत्रों को स्वीकृत कर तत्काल लाभार्थियों को ऋण वितरण करने के लिए कहा।
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बैठक में अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश, प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी दीन दयाल वर्मा, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक कृष्ण कुमार, उपायुक्त स्वत: रोजगार बृज मोहन अम्बेड, डीडीएम नाबार्ड चंदन कुमार, जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह, उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी रविंद्र कुमार शशि, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विनीत पांडेय रहे।
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