फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सदस्यों का गोवा टूर, भाजपा से कुर्सी हुई दूर

विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा-प्रसपा की रणनीति कामयाब हो गई। जिला पंचायत सदस्यों को गोवा टूर पर भेजने से सत्तारूढ़ भाजपा व अन्य दलों को प्रस्तावक और समर्थक नहीं मिल पाए, इससे अंशुल के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया। या यूं कहें जिला पंचायत सदस्यों के गोवा टूर पर जाने से सपा के विरोधी दलों से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी दूर हो गई।
विज्ञापन

पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के गृह जनपद इटावा के जिला पंचायत सदस्य पद पर सपा का एक छत्र राज रहा है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव, प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव, प्रेमलता यादव और पिछली बार अंशुल यादव अध्यक्ष चुने गए थे। 32 वर्ष से मुलायम सिंह के परिवार जुड़ा व्यक्ति ही अध्यक्ष बन रहा है। इस बार भी सपा ने अंशुल की अगुवाई में जिला पंचायत चुनाव लड़ा। भाजपा ने भी सपा से अध्यक्ष पद छीनने के लिए पूरा जोर लगाया लेकिन उसका केवल एक सदस्य ही जीत सका। सपा और प्रसपा गठबंधन के 20 सदस्य जीते। किंतु इटावा आए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के जिला पंचायत अध्यक्ष पद की नामांकन की तिथि का इंतजार करने के बयान से सपा सतर्क हो गई।
सपा प्रसपा ने नेताओं ने निर्दलीय व दूसरे दलों के जिला पंचायत सदस्यों से संपर्क साधा। इसके बाद करीब 20 जिला पंचायत सदस्य गोवा टूर पर भेज दिया गया। सपा-प्रसपा की इस रणनीति से भाजपा व अन्य दलों को समर्थक और प्रस्तावक तक जुटाने का मौका नहीं मिला। इससे अंशुल यादव के अलावा दूसरा पर्चा ही दाखिल नहीं हो सका। एकमात्र अंशुल का ही नामांकन होने से उनके निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है।
विज्ञापन

गोवा से लौटने लगे जिला पंचायत सदस्य
गोवा टूर पर गए नौ जिला पंचायत सदस्य शनिवार सुबह लौट आए। इन्हीं सदस्यों को प्रस्तावक और समर्थक बनाया गया। सूत्रों के अनुसार शनिवार रात या रविवार सुबह तक गोवा टूर गए सभी जिला पंचायत सदस्यों के इटावा लौट आएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें