फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परिषदीय विद्यालयों के बच्चे औषधीय पौधों के बारे में सीखेंगे

विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक/ उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे अब औषधीय पौधों के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर की पहल पर जिले के सभी विद्यालयों की खाली पड़ी जमीन पर हर्बल पार्क विकसित करने की योजना तैयार की गई है। प्रथम चरण में जिले में 250 विद्यालयों का चयन किया गया है। यहां अगले छह महीनों में हर्बल पार्क विकसित कर दिए जाएंगे। आंवला, एलोबेरा, गिलोय, तुलसी सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे यहां रोपित किए जाएंगे।
विज्ञापन

प्राथमिक विद्यालयों में बनने वाले हर्बल औषधीय पार्क केंद्र सरकार की मनरेगा योजना की धनराशि से तैयार कराए जाएंगे। एक पार्क की औसत लागत 62 हजार रुपये स्वीकृत की गई है। इस धनराशि से पार्क को विकसित कर चारों तरफ से सुरक्षित किया जाएगा। पौधों की सिंचाई आदि की समुचित व्यवस्था कराई जाएगी। जिला उद्यान अधिकारी को औषधीय पौधे उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उद्यान विभाग से औषधीय पौधे इन पार्कों में विशेषज्ञों की देखरेख मेें रोपे जाएंगे। पौधों की नियमित देखभाल के लिए भी विद्यालय के बच्चों को जिम्मेदार बनाया गया है। इन विद्यालयों में चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। अध्यक्ष एवं सचिव का पद बच्चों को दो दिया जाएगा। बाकी दो सदस्य शिक्षक होंगे। इनमें एक शिक्षक को सलाहकार बनाया जाएगा। हर्बल क्लब नाम से इस समिति का गठन किया जाएगा। हर्बल पार्क बनाने का उद्देश्य विद्यालयों के आसपास प्राकृतिक वातावरण तैयार कर बच्चों को औषधीय पौधों का ज्ञान भी कराना है। जो आगे चलने पर उनके जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा।
मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर ने बताया कि अभी तक पांच स्कूलों धरवार, भरतपुर खुर्द, कृपालपुर, संगावली और कांधनी में हर्बल पार्क विकसित किए जा चुके हैं। 31 मार्च तक जिले भर में 30 पार्क विकसित कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें