इटावा। इटावा मार्ग पर ग्राम सीपुरा के पास टैंकर की चपेट में आकर बाइक आशा कार्यकर्ता की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक चला रहा पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार के एक सदस्य को नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गईं। इस दौरान आधा घंटे यातायात बाधित रहा। बाद में सीएचसी के गेट के बाहर धरना दिया। एसडीएम के आश्वासन पर धरना खत्म किया।
इकदिल थाना क्षेत्र के गांव नगला सोलंकी निवासी द्रोपदी देवी (45) पत्नी सौदान सिंह आशा कार्यकर्ता हैं। मंगलवार को भरथना में प्रशिक्षण था। वे पुत्र नरायन (20) के साथ बाइक से भरथना सीएचसी पर आयोजित टीकाकरण प्रशिक्षण में भाग लेने जा रही थी। गांव सीपुरा के पास सामने से आ रहे टैंकर चालक ने तेजी व लापरवाही से चलाते हुए बाइक में टक्कर मार दी। इस हादसे में द्रोपदी देवी की मौके पर ही मौत हो गई। पुत्र नारायण घायल हो गया। वह हेलमेट लगाए था, जिससे सिर में चोट नहीं लगी। हादसे के बाद चालक ने टैंकर को भगा निकला, जिसे बाद में कोतवाल बलिराज शाही ने दबोच लिया।
इधर, घटना की सूचना पर सीएचसी पर प्रशिक्षण में भाग लेने आई आशा कार्यकर्ताओं को हुई तो उनमें आक्रोश व्याप्त हो गया। उन्होंने सीएचसी के सामने भरथना-ऊसराहार मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम में मौजूद आशा संजू देवी, अनिता देवी आदि ने मांग की है कि मृतका के परिवार में एक सदस्य को नौकरी व भरण पोषण के लिए मुआवजे की मांग की। जाम की सूचना पर मौके पर पहुंचे कोतवाल बलिराज शाही, सीएचसी अधीझक डॉ. अमित दीक्षित आदि ने आक्रोशित आशा बहुओं को समझा बुझाकर शांत किया। इस दौरान आधा घंटे तक यातायात बाधित रहा। बाद में आक्रोशित आशाएं मुख्य मार्ग छोड़कर अस्पताल परिसर में उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गईं। बाद में एसडीएम भरथना इंद्रजीत सिंह के आश्वासन पर धरना खत्म किया।