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मालिकों के पते निकले फर्जी

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इटावा। एआरटीओ में फर्जी चेचिस से ट्रकों का रजिस्ट्रेशन कराने वाले ट्रक मालिकों के पते भी गलत निकले हैं। उन्होंने जो पता एआरटीओ में दर्ज कराए हैं, वे मकान ही शहर में नहीं हैं। रजिस्ट्रेशन कराने में निवास के पहचान गलत लगाए गए थे। सभी ट्रकों के रजिस्ट्रेशन रद्द कर उप परिवहन आयुक्त आगरा और आरटीओ बरेली को मामले की जांच सौंपी गई है। एआरटीओ ने तत्कालीन पटल बाबू को भी निलंबित कर दिया है।
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एआरटीओ में फर्जी चेचिस नंबर पर 45 ट्रकों का फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन कराने का मामला पकड़ा गया है। इसमें एआरटीओ ने तत्कालीन पलट बाबू अविनाश सिंह और 29 ट्रक मालिकों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। खुलासा होने के साथ ही गुरुवार को उप परिवहन आयुक्त आगरा जगदीश कुशवाह और आरटीओ बरेली जयशंकर तिवारी कार्यालय पहुंच गए। दोनों अधिकारियों ने सभी रिकार्ड खंगाले और ट्रकों से संबंधित सभी कागजात कब्जे में ले लिए। इसके अलावा आरटीओ सौरभ कुमार, पीटीओ अरविंद कुमार, आरआई विवेक खरवार और बाबुओं से पूछताछ की। कुछ अन्य मामलों में भी जानकारी ली। दोनों अधिकारियों ने करीब पांच घंटे तक रिकार्ड खंगाले। इस समय बड़े वाहनों के रजिस्ट्रेशन के पटल देख रहे मुकेश बाबू से भी पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार जांच अधिकारियों को कुछ और वाहनों के फर्जी रजिस्ट्रेशन के संकेत मिले हैं।
दूसरे प्रदेश से लाए गए पुराने वाहन के रजिस्ट्रेशन के लिए आरसी, परमिट, आधार कार्ड, वाहन मालिक का फोटो और एनओसी एआरटीओ कार्यालय में देना होता है। जिन ट्रकों फर्जी चेकिस पर रजिस्ट्रेशन कराया गया उनके मालिकों ने आधार कार्ड गलत लगाए गए हैं। आधार कार्ड में दर्ज पता शहर में है ही नहीं। एआरटीओ सौरभ कुमार ने बताया कि कार्यालय में वाहन के रजिस्ट्रेशन से पहले वाहन को कार्यालय में लाकर वाहन के साथ फोटो खिंचवानी होती है, यह फोटो उन दस्तावेजों के साथ लगानी अनिवार्य होती है, उन फोटो को भी लिपिक अविनाश ने नहीं देखा और न ही लगाए गए दस्तावेजों का सत्यापन कराया। जिस कारण से एक के बाद एक वाहन का रजिस्ट्रेशन करा लिया गया।
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दो दिन से एआरटीओ का कार्य प्रभावित
इटावा। एआरटीओ में हो रही फर्जीवाड़े के बाद कार्यालय का कामकाज प्रभावित बना हुआ है। दो दिन से एआरटीओ सौरभ कुमार ने बड़े वाहनों से संबधित कोई भी फाइल नहीं की गई। गुरुवार को लिपिक मुकेश कुमार समेत अन्य स्टाफ निरंतर जांच अधिकारियों के पास रहने से भी कामकाज प्रभावित रहा। कार्यालय में आरआई विवेक खरवार द्वारा लाइसेंस संबंधी और फिटनेस संबंधी कार्य तो किया गया, लेकिन वाहनों के ट्रांसफर समेत सभी कार्य प्रभावित बने हुए हैं।
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