बकेवर। एक किसान का छह लाख रुपये हड़पने के आरोपी कस्बा स्थित स्टेट बैंक के अस्थायी चपरासी को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। बैंक भी इस आरोपी चपरासी को काम से हटा चुकी है। भरथना के सीओ इस मामले की जांच कर रहे हैं।
सुनवर्षा गांव निवासी शिवराम पुत्र हरचरण ने बकेवर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अपनी जमीन बेचकर मिले छह लाख रुपये 16 जुलाई को बकेवर की स्टेट बैंक शाखा में जमा कराने गया था। बैंक में उसका खाता नहीं था। लिहाजा उसने खाता खुलवाने के लिए बैंक प्रबंधक से बात की। प्रबंधक ने फतेहपुरा गांव निवासी बैंक के अस्थायी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अक्षय सिंह को उसका खाता खोलने को कहा था।
बैंक का सर्वर डाउन होने की वजह से उस दिन खाता नहीं खुल पाया। दूसरे दिन आरोपी अक्षय ने उससे छह लाख रुपये ले लिए और उसे खाते में रकम जमा करने देने का भरोसा दिया। इसके बाद जब उसने आरोपी अक्षय से जमा रकम की रसीद मांगी तो वह टरकाता रहा। आरोपी बहाने बनाकर उसे बैंक से लौटाता रहा। गत 5 सितंबर को बैंक जाने पर पता चला कि उसे बैंक प्रबंधक ने नौकरी से हटा दिया। इसके बाद फोन पर भी आरोपी अक्षय ने बहाने बनाए। गत 15 अक्तूबर को उसके गांव गया तो अक्षय व उसके परिजनों ने जातिसूचक गालियां दी और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पीड़ित किसान शिवराम ने पुलिस को तहरीर दी। थाना में आरोपी अक्षय के खिलाफ अनुसूचित जाति एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ। उप निरीक्षक प्रशांत द्विवेदी ने बताया कि शुक्रवार को आरोपी अक्षय प्रताप को भरथना ओवर ब्रिज पर किसी वाहन का इंतजार करते वक्त गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। वह कहीं भागने की फिराक में था।