इटावा। आँगनबाड़ी केंद्रों पर कोरोना काल के दौरान स्थगित हुई गतिविधियां एक बार फ़िर से शुरू हो गई है। बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर जन्म के बाद छह माह पूर्ण कर चुके नौनिहालों को मंगलवार को महेवा ग्राम पंचायत उझियानी में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर अन्नप्राशन करवाया गया।
अन्नप्राशन करवाते समय कोविड प्रोटोकॉल का पूर्ण रूप से ध्यान रखा गया। इस दौरान कार्यक्रम की आयोजक आंगनबाड़ी संजीदा ने धात्री माताओं को अपने बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए ऊपरी आहार देने की जानकारी दी।
केंद्र नगला चंदी की आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता संजीदा ने छह माह पूरे कर चुके रुपेश को खीर खिलाकर अन्नप्राशन उत्सव का शुभारंभ किया । बताया कि ऊपरी आहार से बच्चे का शारीरिक व मानसिक विकास तेजी से होता है।
उन्होंने कहा कि धात्री महिलाओ को भी पूरक पोषाहार लेना चाहिए। इससे बच्चा कुपोषण से बच जाता है। उन्होंने बच्चों में होने वाली बीमारियों व उसके बचाव के बारे में भी बताया।
संजीदा ने मां के दूध के साथ पूरक आहार, माता के उचित आहार, खिलाने के तरीके, साफ-सफाई पर ध्यान आदि के बारे में जानकारी दी। पौष्टिक भोजन की प्रदर्शनी भी लगी।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर केंद्र पर बच्चों को अन्नप्राशन, स्तनपान, पोष्टिक आहार, स्वास्थ्य एवं कोरोना के प्रति जागरूकता से की जानकारियां दी गई।
इस मौके पर सहायिका सरला देवी सहित गांव की महिलाएं उपस्थित रहीं। कोरोना संक्रमण से बचाव की मिली जानकारी अन्नप्राशन के साथ ही लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भी जागरूक किया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए ज्यादा सतर्कता की जरूरत है।