इटावा। भाजपा जिलाध्यक्ष अजय धाकरे ने अपनी टीम सूझबूझ के साथ बनाई है। इसमें सभी जातियों को साधने और गुटों को साधने की पूरी कोशिश की है। किंतु सदर विधायक और सांसद का ज्यादा दबदबा दिख रहा है। इसके बावजूद अध्यक्ष ने प्रमुख जातियों के साथ गुटों के किसी ने किसी नेता को समायोजित किया है। चूंकि जिलाध्यक्ष अध्यक्ष क्षत्रिय जाति से हैं इसलिए सबसे ज्यादा अहमियत ब्राह्मण नेताओं को दी है।
भाजपा की 26 सदस्यीय जिला इकाई में आठ ब्राह्मण चेहरे शामिल हैं। दूसरे नंबर पर क्षत्रियों का नंबर है। अध्यक्ष को मिलाकर क्षत्रिय नेताओं की संख्या छह और वैश्य समाज से दो चेहरे हैं। सदर विधायक के करीबी ट्रांसपोर्टर अरुण कुमार गुप्ता लगाता दूसरी बार महामंत्री बनने में कामयाब रहे। उनकी पत्नी सदर पालिका से अध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ीं थीं। पुराने भाजपाई लक्ष्मण स्वरूप अग्रवाल के पुत्र स्वच्छ छवि के व्यापारी विक्रम अग्रवाल को पहली बार उपाध्यक्ष बनाया गया है। ब्राह्मण चेहरों में प्रशांत राव चौबे को सांसद, शिवाकांत को अध्यक्ष अजय धाकरे और जितेंद्र गौड़ को निवर्तमान जिलाध्यक्ष शिवमहेश दुबे का करीबी माना जाता है। विवेक भदौरिया विधायक सरिता के देवर और हरनाथ सिंह कुशवाह भी विधायक के ही करीबी हैं। दीपकनाथ चौधरी सांसद के करीबियों में गिने जाते हैं। महिलाओं के क्षेत्र में अच्छा काम करने पर ज्योति वर्मा, पूजा चौधरी और ममता कुशवाहा को तवजजो दी गई है। ज्योति बेटी बचाओ पढ़ाओ विंग की जिला संयोजक और पूजा व ममता महिला मोर्चा में रही हैं।
संगठन में जातियों की बात करें तो सात ओबीसी चेहरों में तीन लोधी, दो शाक्य, एक-एक कुर्मी और यादव नेता को जगह दी गई है। अनुसूचित जाति के दो नेताओं को शामिल और अल्पसंख्यक वर्ग से एक चेहरा जगह पाने में कामयाब रहा है।
चेहरों पर अटके, सिद्धांतों से भटकेे
भाजपा में एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत है। चेहरों को तवज्जो देने में अजय धाकरे सिद्धांतों से भटकते दिख रहे हैं। महामंत्री बनाए गए प्राशांत राव चौबे व्यापार प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक हैं। पहले से उनके पास बड़ा पद था, इसके बावजूद दूसरे पद से नवाज दिया गया। इसी तरह डा. ज्योति वर्मा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की जिला संयोजक का हैं। एक पर होते हुए ज्योति को भी दूसरा पद दे दिया गया है।