इटावा। बसरेहर ब्लाक के ग्राम पंचायत बादरी पूठ में अन्ना मवेशी किसानों की खेत में खड़ी धान की फसल चट कर रहे हैं। इससे परेशान किसानों ने मंगलवार को 50 अन्ना मवेशियों को घेर लिया।
इन्हें गांव से चार किलोमीटर दूर सेंगर नदी पुल तक खदेड़ कर ले गए। तब तक दूसरी ओर से किसान भी अन्ना मवेशियों को वहां तक खदेड़ते हुए लेकर पहुंच गए।
नदी के पुल पर दोनों तरफ से किसान एक-दूसरे की क्षेत्र में अन्ना मवे शियों को खदेड़ने को लेकर करीब एक घंटे तक हंगामा करते रहे। मामला मारपीट की तक पहुंचा, लेकिन कुछ लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों तरफ से लोगों को शांत कराया।
शासन और प्रशासन ने जिले में छोटी और बड़ी कई गोशालाओं का निर्माण कराया है। इनमें गोवंशों को सुरक्षित रखा जा सके। इसके बाद भी गोवंशों की अपेक्षा गोशालाओं की संख्या कम है।
यही वजह है कि अन्ना मवेशी सड़क पर घूम रहे हैं और किसानों की फसल को चट कर जा रहे हैं। किसान अपनी फसल को बचाने के लिए दिन-रात खेतों की निगरानी कर रहे हैं, लेकिन उनकी नजर चूकते ही अन्ना मवेशी खेतों में घुसकर फसल को बर्बाद कर रहे हैं।
इससे परेशान ग्राम पंचायत बादरी पूठ के किसान एकजुट हो गए। उन लोगों ने गांव में घूम रहे अन्ना मवेशियों को घेर लिया। इन्हें खदेड़ते हुए कस्बा बसरेहर से सेंगर नदी पुल तक ले गए।
इस दौरान गोवंशों की संख्या 100 हो गई थी। उधर, से अमृतपुर और उदयपुरा इटावा की तरफ से कुछ किसान अन्ना मवेशियों को खदेड़ते हुए वहां पहुंच गए।
सेंगर नदी पुल पर दोनों तरफ से किसानों में एक घंटे तक हंगामा चलता रहा, लेकिन बादरी पूठ के किसान इटावा की तरफ अन्ना मवेशियों को खदेड़ पाने में नाकाम रहे।
इस दौरान बरेली हाईवे पर हंगामा हुआ। उसके बाद में सभी गोवंश बसरेहर की तरफ वापस कर दिए गए। किसान गोविंद कुमार, बृजेश कुमार, आनंद कुमार, आशीष कुमार आदि का कहना था कि अन्ना मवेशी खेतों में खड़ी फसल बर्बाद कर रहे हैं। कई बार ग्राम प्रधान प्रेम सिंह व प्रशासनिक अधिकारियों से अन्ना गोवंशों को गोशाला में भेजने की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
सेंगर नदी पुल के पास हंगामा करते किसान- फोटो : ETAWAH