इटावा के चकरनगर में बिठौली थाना के तिलियन खोड़न गांव स्थित कुंवारी नदी के पानी में डूबी किशोरी की जान पुलिस की हीलाहवाली से चली गई। यह आरोप मृतका के परिजनों ने लगाया है।
उनका कहना है कि बेटी के डूबने की आशंका पर पुलिस से उसकी तलाश की गुहार लगाई थी लेकिन पुलिस ने नदी में उसकी तलाश नहीं की केवल औपचारिकता निभा कर वापस लौट गई थी।
तिलियन खोड़न गांव निवासी सूरज कुमार राठौर ने बताया कि बेटी चांदनी (14) 25 जुलाई की शाम भैंसों को पानी पिलाने के लिए कुंवारी नदी लेकर गई थी।
जहां पैर फिसलने पर वह नदी में गिर गई। वह गहरे पानी में डूब गई, उसके काफी देर तक घर न लौटने पर परिवारीजनों ने संभावित स्थानों पर तलाश की। इसके बाद थाना पुलिस को बेटी के नदी में डूबने की आशंका जताते हुए सूचना दी।
आरोप है कि पुलिस सूचना के काफी देर बाद मौके पर पहुंची और चांदनी की तलाश पानी में कराने की जगह परिजनों से पूछताछ करके लौट गई थी।
पुलिस का रवैया देख परिजनों ने मामले की जानकारी भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया को फोन कर दी। इस पर सांसद ने सोमवार (26 जुलाई) को बिठौली थानाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह को फोन कर चांदनी की नदी में तलाश किए कराने को कहा।
सांसद के कहने पर थानेदार मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। तब चांदनी शव नदी से निकाला गया। मंगलवार को चकरनगर एसडीएम सत्य प्रकाश पीड़ित परिवार के घर पहुंचे।
मां संगीता देवी का आरोप है कि पुलिस उसी समय ही नदी में बेटी की तलाश करती तो शायद आज बेटी साथ में होती। इतना कहते हुए वह एसडीएम के सामने रोने लगी। एसडीएम ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। साथ ही सरकारी की तरफ से मदद दिलाने का भरोसा भी दिया।
बरसात के पानी से भर गया था गड्ढ़ा
थानाध्यक्ष ने बताया कि कुंवारी नदी में पानी कम रहता है। बरसात होने की वजह से नदी में बने गड्ढ़े में पानी भर गया था। 25 जुलाई को पुलिस मौके पर गई थी। चांदनी की नदी में तलाश कराई थी, लेकिन तब उसका पता नहीं चला था। सोमवार देर शाम को बिडौरी गांव के पास नदी में चांदनी का शव मिला था।
पिता पहुंचे गांव
चांदनी का पिता सूरज दिल्ली में एक निजी कंपनी में मजदूरी करता हैं। वह पिछले साल लगे लॉकडाउन में दिल्ली से घर लौट आए थे। स्थिति सामान्य होने पर दोबारा दिल्ली चले गए थे। मां संगीता ने बेटी चांदनी की नदी में डूबने की जानकारी सूरज को दी। वह मंगलवार सुबह गांव पहुंचे और फफक पड़े। रिश्तेदारों ने उन्हें सांत्वना देकर शांत कराया।