राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
- फोटो : ETAWHA
इटावा। चकरनगर के बीहड़ क्षेत्र के सभी अस्पताल बीमार पड़े हैं। एक सीएचसी और तीन पीएचसी में केवल दो डॉक्टरों की तैनाती है। फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ भी कम है। एएनएम तक के 13 पद रिक्त पड़े हैं। डॉक्टर और स्टाफ की कमी से मरीजों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय ले जाना पड़ता है। चार उपकेंद्रों में ताले लटके हैं।
चकरनगर तहसील क्षेत्र का ज्यादातर हिस्सा बीहड़ क्षेत्र है। तहसील में राजपुर में एक सीएचसी, पिपरौली गढ़िया, गढ़ाकास्दा और हनुमंतपुरा में पीएचसी हैं। सीएचसी में डॉक्टरों के पांच और फार्मासिस्ट के तीन पद हैं। इसमें एक डॉक्टर और एक फार्मासिस्ट ही तैनात है। एएनएम के 14 में 13 पद रिक्त हैं, अन्य स्टाफ भी कम है।
इसी तरह पीएचसी पिपरौली गढ़िया डॉक्टर और फार्मासिस्ट है ही नहीं। ये अस्पताल वार्ड ब्वॉय के भरोसे चल रहा है। पीएचसी गढ़ाकास्दा में चिकित्सक नहीं है। यहां फार्मासिस्ट मरीजों का इलाज कर रहा है। हनुमंतपुरा में एक डॉक्टर तैनात है। स्टाफ न होने से गढ़ाकास्दा, बंसरी, विहार, भरेह के उपकेंद्रों पर ताले लटक रहे हैं।
अस्पताल मरीज
सीएचसी राजपुर 80 से90
पीएचसी हनुमंतपुरा 30 से 40
पीएचसी गढ़ाकास्दा 25 से 30
पीएचसी पिपरौली गढ़िया 5 से10
वर्जन
जनपद में चिकित्सकों की कमी है। प्रदेश स्तर पर 2 हजार से अधिक चिकित्सकों की नियुक्ति की गई हैं। जो भी चिकित्सक जनपद को मिलेंगे उनमें से पहले चकरनगर क्षेत्र में भेजे जाएंगे। उन्होंने चौकीदार की नियुक्ति भी जल्द करवाने का आश्वासन दिया है। - डा.एनएस तोमर, सीएमओ