इटावा। आंधी, बारिश और ओलों से जिले में गेहूं की फसल को मामूली नुकसान हुआ है। दरअसल, 95 प्रतिशत फसल की कटाई और थ्रेशिंग हो चुकी है। जो फसल बची है उसमें भी ज्यादातर फसल काटकर किसान बोझ बांध चुके हैं।
सोमवार को अच्छी धूप निकलने से भीगी फसल सूखने भी लगी है। कृषि विभाग ने केवल सात से आठ प्रतिशत नुकसान का अनुमान लगाया है।
जिले में इस बार 96615 हेक्टेयर में रकबे में गेहूं की बुआई की गई थी। करीब 20 दिन से फसल की कटाई शुरू हो गई थी। जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि लगभग 88885 हेक्टेयर में फसल की कटाई और थ्रेशरिंग हो चुकी है। उन्होंने बताया कि रविवार को आंधी, बारिश और ओलावृष्टि होने के सोमवार को टीमें भेजकर नुकसान का सर्वे कराया गया। कृषि अधिकारी ने बताया कि अब लगभग 7730 हेक्टेयर रकबे में ही फसल बची है। इसमें भी करीब 75 प्रतिशत की खेत से कटाई हो गई है और बोझ बंधे बड़े हैं। जो फसल खड़ी है उसमें भी ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि जिले में कहीं-कहीं हल्के और छोटे ओले ही गिरे हैं। कृषि अधिकारी ने बताया कि सात से आठ प्रतिशत फसल को ही नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि दो-तीन दिन अच्छी धूप निकल आए तो एक चार से पांच दिन में पूरी फसल की कटाई और थ्रेशरिंग हो जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि खरीफ फसल की तैयारी भी शुरू हो गई है। धान और ढैंचा बीज की मांग भेज दी गई है। 80 क्विंटल ढैंचा एक दो दिन में आ भी जाएगा। 150 क्विंटल की मांग दो तीन दिन पहले ही भेजी गई है। इसी तरह धान बीज की मांग भी भेज दी गई है। जिले के किसान सबसे ज्यादा 1509 धान बीज की मांग करते है। इस प्रजाति का बीज इस बार ज्यादा मंगाया गया है। धान की नर्सरी 15 मई से लगने शुरू होती है, इसके पहले बीज आ जाएगा।