इटावा। डेंगू की चपेट में आए ग्राम कैस्त निवासी युवक ने दम तोड़ दिया। इससे परिजनों का बुरा हाल है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि कई और लोग भी डेंगू की चपेट में हैं।
ग्राम कैस्त निवासी 28 वर्षीय मुनेश प्रताप सिंह को 10 दिन से बुखार आ रहा था। इटावा में जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद परिजन उसे आगरा के अस्पताल में ले गए। प्लेटलेट्स कम होने पर हालत में सुधार न होने पर युवक को दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। वहां एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। ग्राम प्रधान जानकी प्रसाद ने बताया कि इटावा तहसील में लेखपाल पद पर तैनात लाला प्रसाद का पुत्र मुनेश बढ़पुरा ब्लॉक में प्रेरक पद पर तैनात था। मुनेश अपने पीछे पत्नी, 6 वर्षीय पुत्र आर्यन व 3 वर्षीया पुत्री अनवी को रोते-बिलखते छोड़ गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई लोग और भी बुखार चपेट में हैं। डेंगू का प्रकोप क्षेत्र में बढ़ सकता है। गांव में कई मरीजों का प्राइवेट अस्पतालों व कुछ का सरकारी संस्थानों में इलाज जारी है। क्षेत्र में इससे पहले ग्राम पाठकपुरा में 20 वर्षीया बीएससी की छात्रा की डेंगू बीमारी के चलते मौत हो चुकी है।