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भारत बंद का दिखा आंशिक असर, 11 बजे खुल गई दुकानें

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कोतवाली के बाहर धरने पर बैठे सपाजन - फोटो : ETAWHA
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इटावा। किसान कानून के विरोध में किसान संगठनों का मंगलवार को भारत बंद का असर आंशिक रूप से ही दिखा। विपक्षी दलों का समर्थन भी रहा। सुबह 8 बजे बाजार बंद कराया गया। इसके बाद सपाइयों की धरपकड़ के बाद सुबह 11 बजे बाजार खुलने लगा। जैसे ही लोगों को जानकारी हुई तो बाजार में चहल-पहल हो गई।
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विभिन्न राजनीतिक व किसान संगठनों ने सुबह सात-आठ बजे से ही बाजारों का रुख कर लिया, लेकिन पहले से ही मुस्तैद शासन-प्रशासन की सख्ती के चलते उन्हें हिरासत में ले लिया गया। हिरासत में आए नेताओं को पुलिस लाइन स्थित ग्राउंड में शाम पांच बजे तक रखने के बाद छोड़ दिया गया। प्रदर्शनकारियों में सपा, माकपा, कांग्रेस, किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन आदि संगठनों के नेता व पदाधिकारी शामिल रहे। बसपा और प्रसपा ने बाजार बंद कराने से दिलचस्पी नहीं ली।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष को किया नजरबंद
सराय एसर निवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मलखान सिंह के घर सुबह लगभग 6:30 बजे सिविल लाइन थाना पुलिस के एक एसआई व एक सिपाही जा धमके और उन्हें उनके घर में ही नजरबंद कर दिया। जिलाध्यक्ष को बताया गया कि पुलिस-प्रशासन ने किसी को प्रदर्शन आदि में शामिल होने की अनुमति नहीं दी है इसलिए वह घर से बाहर नहीं जा सकते।
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वहीं बाजार में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। यहां चंद्रमुखी शंखवार, शहर अध्यक्ष पल्लव दुबे, राशिद खान, वाचस्पति द्विवेदी, आमिर खान, आसिफ जादरान, विष्णु कांत मिश्रा, सत्येंद्र महेश्वरी, मुश्ताक अली, अवनीश वर्मा मौजूद रहे।
सपाइयों की हुई पुलिस से झड़प
सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव समर्थकों संग सुबह सात बजे ही बाजार जा पहुंचे। उनके साथ गए जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता संटू आदि पचराहा स्थित बाजार पहुंच गए। पता चलने पर पुलिस ने उन्हें घेर लिया तो सपाजनों व पुलिस में झड़प हो गई। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की में कुछ सपाजनों को चोटें भी आईं जिससे अफरा-तफरी मच गई। सपाजनों को पुलिस कोतवाली ले गए जहां गेट के बाहर ही वे धरने पर बैठ गए जिस पर हंगामा हो गया। इसके बाद पुलिस ने सपाजनों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। इस दौरान आशीष राजपूत, केपी सिंह शाक्य, राजवीर राजपूत, पप्पन सिंधी, चंदन सिंह बघेल, आनंद यादव टंटी, पूरन यादव, पवन यादव, सचिन यादव, अमित सोनी, आदित्य गोविंद, असित यादव आदि मौजूद रहे।
सीपीआईएम और किसान यूनियनों के पदाधिकारी भी पकड़े गए
अंबेडकर चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे सीपीआईएम के शहर मंत्री प्रेमशंकर यादव, किसान सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष व आशा-रसोइया यूनियन के अमर सिंह शाक्य, किसान सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, किसान सभा के जिला मंत्री संतोष शाक्य, जनवादी नौजवान सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज राठौर व किसान सभा के किशन बाबू को हिरासत में ले लिया गया। उनका आरोप था कि कुछ ही लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि अन्य कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया। यह हमारे प्रदर्शन को कमजोर करने की साजिश है।
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