इटावा। क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान के सरकारी आवासों को बाहरी लोगों को किराये पर देने के मामले में अब विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। सीडीओ ने आवंटित आवास में बाहरी लोगों को किराये पर रखने वाले दो कर्मचारियों से 48-48 हजार रुपये की वसूली के आदेश दिए गए हैं। इनसे दो हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से कटौती की जाएगी। वहीं नोटिस में दिया गया समय समाप्त हो जाने के बाद भी अभी किसी ने आवास खाली नहीं किया है।
क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान बकेवर में सरकारी आवासों में कई बाहरी लोग जमे हुए थे। करीब आधा दर्जन से अधिक लोग सरकारी आवासों में कई साल से रह रहे थे। इनमें कुछ दूसरे विभागों के अन्य जगहों व जनपदों में तैनात थे। संस्थान में कुछ लोग कर्मचारी व बाबू ऐसे तैनात हैं जो इसी जनपद रहने वाले हैं। संस्थान में रहने के लिए उनके नाम आवास अलॉट हैं, लेकिन वे गृह स्थान पर रहते हैं वहीं से कार्यालय आते-जाते हैं। वहीं अपने नाम से संस्थान में स्वीकृत सरकारी आवास को उन्होंने बाहरी लोगों को किराये पर रहने के लिए दे रखा है।
अमर उजाला ने संस्थान के सरकारी आवासों में कई बाहरी लोगों के रहने की खबर के बाद प्रशासन ने आवास में रह रहे लोगों को तीन दिन में खाली करने के नोटिस जारी किया था। इसकी समयावधि बीत चुकी है।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा संस्थान के दो कर्मचारियों कारपेंटर राममोहन और हलवाहा दीपसिंह को अपने आवास को बाहरी लोगों को किराये पर देने के कारण पिछले दो साल के जुर्माने के रूप में 48-48 हजार रुपये की कटौती किये जाने का आदेश दिया गया है। क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान के आचार्य डॉ. सुरेशचंद ने बताया कि ये धनराशि दोनों कर्मचारियों के वेतन से 2 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से काटी जाएगी। संस्थान के आचार्य ने बताया की जो लोग बाहरी रह रहे हैं उन सभी को नोटिस दिया जा चुका है। आवास खाली न करने पर बहुत जल्द उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाई भी की जाएगी।