ट्रेन रुकने पर इटावा स्टेशन पर पुलिस और अधिकारियों की भीड़ को बच्चे एकटक निहारते रहे
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इटावा। दो अलग-अलग ट्रेनों से गुजरात व राजस्थान से 513 और प्रवासी शुक्रवार को इटावा स्टेशन पहुंचे। सभी प्रवासियों की स्टेशन पर डॉक्टरों की टीम ने थर्मल स्क्रीनिंग की और ब्योरा दर्ज किया। बाद में बसों से उनके जिलों में भेज दिया। जिले के सभी 31 प्रवासियों के सैंपल रिपोर्ट आने तक घरों से न निकलने की हिदायत देकर भेज दिया गया।
गुजरात के राजकोट से चलकर पहली ट्रेन 12:20 बजे इटावा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। डीएस जेबी सिंह, एसएसपी आकाश तोमर और एसडीएम सदर सिद्धार्थ सभी डिब्बों के पास गए। एसडीएम ये इनाउंस कर रहे थे कि यहां केवल इटावा और आसपास के यात्री ही उतरें। इसके बाद एक-एक बोगी से यात्रियों को उतारा गया। इस ट्रेन में इटावा के 13 और अन्य 20 जिलों के 266 यात्री उतारे गए। अन्य जिलों के यात्रियों की थर्मल स्केनिंग कर पूछताछ काउंटर के पास सभी का ब्योरा दर्ज किया गया। सभी को भोजन व पानी देकर बसों से उनके जिलों को रवाना कर दिया गया। इटावा के सभी 13 यात्रियों का स्टेशन पर ही सैंपल लिया गया। सभी को रिपोर्ट आने तक घर में परिवार के सभी सदस्यों से अलग रहने और बाहर न निकले की हिदायत के साथ जाने दिया गया।
इसके करीब 33 मिनट बाद राजस्थान के जालोर से चलकर दूसरी ट्रेन प्लेटफार्म पर पहुंची। इस ट्रेन से भी 21 जिलों के 234 प्रवासियों को उतारा गया। इटावा जिले के सभी 18 प्रवासियों के सैंपल लिए गए।
इसके पहले सोमवार को आई ट्रेन में एक प्रवासी पॉजिटिव निकला था। इसके बाद जिला प्रशासन ने एहतियात बढ़ा दिया। जिले के सभी 31 प्रवासियों की स्क्रीनिंग हुई। इसके बाद नाम, पता, मोबाइल नंबर, पहचानपत्र संख्या और खाता संख्या दर्ज कर सैंपल लिए गए। इन प्रवासियों की रिपोर्ट तीन दिन बाद आएगी। वहीं पिछली बार ट्रेन से उतरने के बाद प्रवासियों को सीधे बसों में चढ़ा दिया गया। कौन प्रवासी किस बस में गया, इसका कोई ब्योरा प्रशासन और रोडवेज के पास नहीं होता था। प्रवासियों के कोरोना पॉजिटिव निकलने के कारण इस बार बस में चढने से पहले प्रत्येक प्रवासी का नाम, पिता का नाम, पता और नंबर रोडवेज के कर्मचारियों ने भी दर्ज किया।
ट्रेन से आए प्रवासी पेयजल के लिए परेशान रहे। ट्रेन रुकते ही कुछ यात्री खाली बोतल और डिब्बे लेकर पानी भरने के लिए उतरने लगे लेकिन पुलिस व अधिकारियों ने डांटकर उन्हें रोक दिया। गुजरात से आई ट्रेन में सवार युवक बोला हम कोरोना संक्रमित नहीं है, फिर ऐसा जुल्म क्यों। ट्रेन के डिब्बे के अंदर से ही उसने बताया कि उत्तर प्रदेश में घुसने के बाद पानी नहीं मिल पाया है। ट्रेन से उतरे औरैया जिले के जलूपुर गांव के शशिवेंद्र ने बताया कि ट्रेन में चढ़ते समय गुजरात सरकार की ओर से नमकीन, बिस्कुल व पानी की बोतल दी गई थी।