इटावा। सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय में भर्ती कोरोना संदिग्ध महिला की बुधवार को मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने उसे संदिग्ध मानकर अंतिम संस्कार तो करवाया, लेकिन कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल नहीं लिया। इसे लेकर जिले और चिकित्सा विवि के डॉक्टरों में खींचतान शुरू हो गई। सीएमओ का कहना है कि अब महिला के संक्रमित होने के बारे में जानकारी भी नहीं मिल सकती है, इसलिए निश्चित नहीं हो पा रहा है कि उसकी कोरोना से मौत मानी जाए या नहीं। इसके पहले एक युवक की कोरोना से मौत हो चुकी है।
सीएमओ सीएमओ डॉ. एनएस तोमर के मुताबिक जसवंतनगर के नदला कुंआ गांव की 75 वर्षीय महिला को किसी अन्य बीमारी के इलाज के लिए दो दिन पहले सैफई में भर्ती करवाया गया था। उस वक्त उसका जो सैंपल लिया गया उसकी रिपोर्ट स्पष्ट नहीं आई। दोबारा टेस्ट होने से पहले बुधवार को महिला की मौत हो गई। सैफई चिकित्सा विवि प्रशासन ने महिला के बारे में न तो ज्यादा जानकारी दी न ही मरने के बाद उसकी सैंपलिंग करवाई। हालाकि उसे संदिग्ध मानकर कोरोना मरीज की तरह ही उसका अंतिम संस्कार करवाया गया। उनका कहना है कि इस पर उच्चाधिकारी निर्णय लेंगे कि उसकी मौत को कोरोना के आंकड़े में जोड़ा जाए या नहीं। इसके पहले जिले में एक युवक की कोरोना से मौत हो चुकी है। चिकित्सा विवि के जनसंपर्क अधिकारी अनिल पांडेय का कहना है कि प्रशासनिक अफसरों इनके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।