इटावा। भरथना नगर के बृजराजनगर सिंधी कालोनी स्थित विवादित मकान के मामले में आत्मदाह की धमकी देने वाले परिवार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। घर के अंदर मौजूद इस परिवार को पुलिस ने गत बुधवार सुरक्षित ढंग से बाहर निकाल लिया था। इसके बाद परिवार की दो महिलाओं समेत तीन लोगों को जेल भेज दिया था। शुक्रवार को पुलिस ने परिवार के मुखिया को भी शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
सीओ सिटी भरथना आलोक प्रसाद ने बताया कि इस मोहल्ले में एक मकान को लेकर किरायेदारी व कब्जेदारी का विवाद है। मकान में ललिता देवी कई सालों से रह रही हैं। मामला सिविल न्यायालय के अलावा भरथना के एसडीएम व ईओ के समक्ष विचाराधीन है।
गत 7 जनवरी को फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज थाना क्षेत्र के कुंजपुरा रोड निवासी संजीव दुबे ने तहसील दिवस में प्रार्थनापत्र दिया था कि उसके सिंधी कालोनी भरथना स्थित पैतृक मकान पर कब्जा है। उसका परिवार बेघर है और आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। इसलिए उसका परिवार इच्छा मृत्यु की अनुमति चाहता है। प्रार्थनापत्र में न्याय न मिलने पर 17 जनवरी को डीएम कार्यालय के समक्ष आत्मदाह कर लेने की भी बात कही गई थी।
वहीं दूसरे पक्ष से मकान किरायेदार ललिता कुमारी पत्नी सर्वेंद्र कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गत 13 जनवरी को संजीव दुबे का परिवार ताला तोड़कर घर में घुस गया और अंदर से ताला डाल लिया। पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तो मकान के अंदर से आत्मदाह कर लेने की धमकी दी गई। इस पर पुलिस ने गत 15 जनवरी को पड़ोसियों व महिला पुलिस कर्मियों की मदद से घर में प्रवेश किया और संजीव दुबे के परिवार को सकुशल बाहर निकाल लाए।
संजीव दुबे व उनके परिवार पर मामला दर्ज होने के चलते संजीव की पत्नी मधु व पुत्री स्वाती समेत सिरसागंज निवासी अंशुल गुप्ता को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। संजीव दुबे को शुक्रवार को आत्मदाह को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में ले लिया। उसे शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
फोटो संख्या 19: महिला की मौत की खबर पर घर के बाहर भीड़ लग गई।
फोटो संख्या 20: ज्योति का फाइल फोटो।
ससुराल वालों से परेशान विवाहिता ने मायके में जान दी
करीब महीने भर पूर्व ससुराल वालों ने मारपीट कर घर से निकाल दिया था
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया
संवाद न्यूज एजेंसी
बसरेहर। थाना क्षेत्र के नगलाताड़ गांव स्थित अपने मायके में एक विवाहिता ने गले में फंदा कसकर आत्महत्या कर ली। विवाहिता की दादी कृष्णादेवी ने बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पोती को परेशान किया और मारपीट कर घर से निकाल दिया। इसी गम में उसकी पोती ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। अभी परिजनों ने ससुराल वालों के खिलाफ तहरीर नहीं दी है।
बसरेहर थाना क्षेत्र के गांव नगला ताड़ निवासी कल्लू की 22 वर्षीय पुत्री ज्योति की शादी लखनऊ के हंसखेड़ा निवासी गणेशबाबू से हुई थी। ज्योति ने शुक्रवार को दिन में अपने कमरे में जाकर पंखे से दुपट्टा फांसकर फांसी लगा ली। उसकी मौत हो गई। ज्योति की मां की मृत्यु हो चुकी है। पिता खेतीबाड़ी व मजदूरी करते हैं। घर में करीब एक महीने से ज्योति अपने 13 साल के छोटे भाई, पिता व दादी के साथ रह रही थी।
शुक्रवार को पिता कल्लू अपने पुत्र की दवा लेने इटावा गए थे। दादी व भाई भी कहीं गांव में थे। घर में अकेली ज्योति थी। दोपहर करीब तीन बजे दादी और उसकी पारिवारिक बहन घर पर पहुंची तो ज्योति को पंखे से लटका देखा। चीख पुकार मचने पर आसपास के लोग पहुंचे।
ग्रामीणों ने बहादुरलुहिया के प्रधान दयाशंकर को खबर दी। उनकी सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने शव को उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। खबर मिलने पर इटावा से मृतका के पिता भी पहुंच गए। दादी कृष्णा देवी ने बताया कि करीब ढाई साल पहले उसकी ज्योति की शादी हुई थी। उसके कोई संतान नहीं थी। शादी के छह महीने बाद ही ससुराल वाले उसको दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। करीब एक माह पूर्व उसकी पोती को मारपीट कर घर से निकाल दिया। इसके बाद पोती उनके पास आकर रहने लगी। ससुराल वालों के उत्पीड़न से परेशान उनकी ज्योति ने शुक्रवार को फांसी लगाकर जान दे दी।
थाना प्रभारी मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। अभी ज्योति के परिजन से कोई तहरीर नहीं मिली है।