इटावा। दस्यु प्रभावी क्षेत्र अधिनियम न्यायालय ने शुक्रवार को लुटेरे बंटी जाटव को डकैती मामले में दोषी पाते हुए सात साल की सजा सुनाई है। कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
राज्य की ओर से मामले के पैरवीकर्ता विशेष शासकीय अधिवक्ता गौरव दीक्षित ने बताया कि गत गुरुवार को लूट के तीन मामलों में भी कोर्ट ने बंटी जाटव को सात साल की सजा सुनाई है। मैनपुरी जिले के कुरावली थाना के कूकामई गांव के मूल निवासी बंटी जाटव का हाल पता श्यामनगर (तालाब के पास) थाना कोतवाली जिला एटा है। कोर्ट ने शुक्रवार को इकदिल थाना क्षेत्र के एक डकैती मामले में उसे सजा सुनाई है।
मध्यप्रदेश प्रांत के सीधी जिला के बहरी थाना के खुटैली गांव निवासी ट्रक चालक रामकृष्ण पुत्र लखपतिराम ने इकदिल थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह और उसका छोटा भाई हेल्पर राकेश 9 नवंबर 2014 को जसवंतनगर से ट्रक में 432 बोरा आलू लादकर मध्यप्रदेश के शिवनी जा रहे थे।
थाना क्षेत्र के बिरारी पुल के आगे एक टाटा सूमो ने ट्रक रुकवा लिया। तभी एक मारुति कार व मोटरसाइकिल में सवार 10-12 लोग भी आ गए। इन लोगों ने उसे व उसके भाई को असलहा दिखाते हुए पीटा। उसका ट्रक व मोबाइल छीन लिया। बदमाशों ने उन दोनों को ट्रक के केबिन में डाल लिया और कानपुर की ओर जाते हुए किसी जगह दोनों को टाटा सूमो में डाल लिया। इस दौरान बदमाश एक-दूसरे का नाम सुनील मुखिया, बंटी, संजय, गौरव, नीरज, वीरभान, राहुल, वीटू, दीपक, बबलू, पप्पू उर्फ कुलदीप ले रहे थे। उसे व उसके भाई को बदमाशों ने हाथ पैर बांधकर बकेवर के आगे हाईवे के किनारे एक गड्ढे में फेंक दिया।
थाना पुलिस ने इप लोगों के खिलाफ डकैती की धारा 395 समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। दस्यु प्रभावी क्षेत्र अधिनियम कोर्ट में बंटी जाटव, दीपक यादव, गौरव चौहान व नीरज यादव के विरुद्ध पुलिस ने कोर्ट में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। विशेष शासकीय अधिवक्ता गौरव दीक्षित ने बताया कि कोर्ट ने बंटी जाटव मामले की अलग से सुनवाई की। साक्ष्यों व गवाहों के बयानों को सुनने के बाद कोर्ट ने बंटी जाटव को दोष सिद्ध पाया।
शुक्रवार को दस्यु प्रभावी क्षेत्र अधिनियम न्यायालय के विशेष न्यायाधीश अवधेश कुमार ने अभियुक्त बंटी जाटव को धारा 395 के तहत सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने उसे कुल 15 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया।
विशेष शासकीय अधिवक्ता गौरव दीक्षित ने बताया कि अभियुक्त बंटी जाटव पर कुल 11 मामले दर्ज रहे हैं। इसमें से आठ मामले इटावा जिले में दर्ज हैं। इनमें से चार मामलों में कोर्ट सुनवाई पूरी करके सजा सुना चुका है।