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सवा नौ घंटे धरने पर डटीं रहीं महिलाएं

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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में मुस्लिम महिलाएं रात तक पुराना अस्पताल के सामने धरना प्रदर्शन - फोटो : ETAWHA
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इटावा। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में मुस्लिम महिलाओं का धरना प्रदर्शन करीब सवा नौ घंटे तक चला। मंगलवार रात 9 बजे के बाद धरनास्थल पर भीड़ का सिलसिला बढ़ता गया और 10 बजे तक संख्या करीब छह हजार पहुंच गई। पुरुषों को पुलिस ने लाठियां पटककर खदेड़ा फिर करीब 11:50 बजे धरने पर डटीं करीब 300 महिलाओं को महिला पुलिस बलपूर्वक उठाकर घरों को भेज दिया। इसके बाद मुस्लिम बहुल क्षेत्र के साथ पूरे शहर में पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया।
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पचराहा के आसपास के मोहल्लों की महिलाएं पांच-छह के गुट में मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे पुराना अस्पताल इकट्ठा हुईं। करीब 100 महिलाएं हाथों में आंबेडकर व महात्मा गांधी के पोस्टर और सीएए व एनआरसी के विरोध में लिखीं तख्तियां लेकर धरने पर बैठ गईं। धरनास्थल पर बिछावन और पानी की व्यवस्था पहले से कर दी गई थी। शाम करीब सवा तीन बजे तहसीलदार एनराम मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझाया लेकिन वह नहीं मानीं। करीब चार बजे सिटी मजिस्ट्रेट सतेंद्र नाथ शुक्ला व एएससी राम यश सिंह ने भी मौके पर जाकर महिलाओं को समझाया और मौके पर पुलिस लगा दी। रात आठ बजे के बाद धरनास्थल पर भीड़ बढने लगी।
करीब 9:00 बजे छह हजार लोग प्रदर्शन स्थल पर जमा हो गए। इसमें महिलाओं की संख्या करीब 3000 हजार थी। भीड़ बढ़ने की खबर पर प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। करीब 9 बजे सीओ सिटी वैभव पांडेय, 9:30 बजे सिटी मजिस्ट्रेट व एएसपी सिटी राम यश सिंह और प्रदर्शनकारियों को समझाने लगे। रात करीब 10 बजे एसडीएम सदर सिद्धार्थ व सीओ सैफई चंद्रपाल भी पहुंच गए। अधिकारियों ने एक बार और लोगों को घर जाने के लिए समझाया, न मानने पर पुलिस लाठियां पटकनी शुरू कर दी। इससे पुरुषों में भगदड़ मच गई। लोग गलियों के रास्ते से भागे। ज्यादातर महिलाएं भी गलियाें के रास्ते चलीं गईं लेकिन करीब 300 महिलाएं धरना स्थल पर डटी रहीं।
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उन्हें हटाने के लिए एसडीएम जसवंतनगर ज्योत्सना और महिला पुलिस की टुकड़ी बुलाई गई। महिला पुलिस के समझाने पर प्रदर्शनकारी महिलाएं उनसे नोकझोंक करने लगीं। इस पर महिला पुलिस ने हाथ पकड़कर जबरिया महिलाओं को धरना स्थल से उठा दिया। करीब 11:50 बजे पूरा धरना स्थल खाली करा दिया गया।
भगदड़ में चुटहिल हुए लोग
पुलिस के लाठियां चटकाने के साथ प्रदर्शनकारियों में भगदड़ मच गई। जिसे जिधर से जगह मिली उधर से भागा। इसमें किसी का जूता छूट गया तो किसी की चप्पल। भीड़ के भागने में बाइकें भी गिर गईं। भागते समय लोग गिर भी गए। इससे उन्हें चोटें भी आईं।
धरनास्थल के पास चाय, नाश्ते की दुकानें रात दस बजे तक खुलीं थीं। इन्हीं दुकानों से प्रदर्शनकारियों को चाय आदि पहुंचाई जा रही थी। भीड़ लगातार बढ़ रही थी। पुलिस अधिकारियों ने दुकानदारों से दुकानें बंद कराने
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को कहा। दुकानदार नहीं माने तो जबरिया दुकानें बंद कराईं।
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