इटावा-ग्वालियर रेल मार्ग पर उदी रेलवे स्टेशन के पास रविवार की रात मालगाड़ी बेपटरी हो गई। इसके दो वैगन पटरी से उतर गए। इससे करीब तीस मीटर ट्रैक भी क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना पर ग्वालियर-झांसी मंडल के अधिकारी दुर्घटना राहत ट्रेन और क्रेन लेकर मौके पर पहुंचे। करीब दस घंटे की मशक्कत के बाद मालगाड़ी को पटरी पर लाया जा सका।
सीआरएस की हरी झंडी न मिलने से अभी इटावा-ग्वालियर मार्ग पर पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हुआ है। बावजूद इसके रेलवे प्रशासन ने मार्च महीने से मालगाड़ियों का संचालन शुरू करा दिया है। रविवार की रात गिट्टी पलटकर लौट रही मालगाड़ी के दो वैगन पटरी से उतर गए। इससे करीब तीस मीटर ट्रैक भी क्षतिग्रस्त हो गया।
सूचना मिलने के बाद ग्वालियर और झांसी मंडल के आला अधिकारी राहत ट्रेन और क्रेन लेकर मौके पर पहुंचे। सोमवार की सुबह काम शुरू हुआ और करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद दोनों वैगन पटरी पर लाए जा सके। इसके बाद अफसर क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत कराने में जुट गए।
मौके पर मौजूद अफसरों ने घटना के संबंध में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। राहत कार्य में लगे रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि शनिवार की रात झांसी से 40 वैगन की मालगाड़ी गिट्टी लेकर उदी रेलवे स्टेशन पर आई थी। मालगाड़ी ने रविवार को निर्माणाधीन इटावा-बाह रेल मार्ग पर गिट्टी गिराई।
रविवार की रात करीब सवा आठ बजे ट्रेन बैक होकर उदी रेलवे स्टेशन पर आ रही थी। तभी रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर मालगाड़ी के इंजन से 6 व 7 नंबर के वैगन पटरी से उतर गए। ट्रेन के चालक एसके आनंद एवं सहायक चालक वीएस मीना ने इसकी जानकारी ग्वालियर और झांसी मंडल के आला अफसरों को दी।
दुर्घटना किसकी लापरवाही से हुई, इस संबंध में झांसी और ग्वालियर मंडल के अफसर संयुक्त नोट तैयार कर रहे हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
राहत कार्य के दौरान मौके पर झांसी और ग्वालियर मंडल की राहत ट्रेन के साथ सहायक मंडल अभियंता ग्वालियर एके रिछारिया, सहायक कार्यकारी अभियंता रिहान खान, वरिष्ठ खंड अभियंता आगरा आरएस यादव, वरिष्ठ खंड अभियंता ग्वालियर एसके शाक्य, वरिष्ठ खंड अभियंता निर्माण ग्वालियर सुजेत मेहता अपनी-अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद थे।
इटावा-ग्वालियर रेल मार्ग पर उदी रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे क्या वजह रही, इस पर अफसरों ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। अफसरों का कहना था कि वे प्रेस से वार्ता के लिए अधिकृत नहीं है। बावजूद इसके बचाव कार्य में लगे रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि बाह लाइन पर गिट्टी गिराने के बाद मालगाड़ी बैक होकर उदी स्टेशन की ओर आ रही थी। ट्रेन की रफ्तार अधिक होने के कारण यह दुर्घटना हुई।