फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Etawah News: फसलों को बचाने का बहाना, बिजली कटौती का तानाबाना

Mon, 24 Apr 2023 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। गर्मी शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती शुरू हो गई है। 18 घंटे के रोस्टर पर सिर्फ आठ से 10 घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। कारण पूछने पर हर बार विभागीय अधिकारियों का बहाना ये रहता है कि फसलों में आग लगने से बचाने के लिए कटौती की जा रही है। लेकिन इसके बाद भी खेतों में आग लग जाती है।
विज्ञापन

ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अघोषित कटौती से परेशान हैं। शासन के रोस्टर के अनुसार सिर्फ शहरी इलाकों को 24 घंटे और ग्रामीण इलाकों को 18 घंटे आपूर्ति मिलनी चाहिए। सिर्फ आठ से 10 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। कटौती का कारण पूछने पर विभागीय अधिकारियों के पास फसल बचाने के लिए आपूर्ति बंद करने का बहाना होता है, जबकि आए दिन हादसे होते रहते हैं। सबकुछ जानकार भी विभागीय अधिकारी आज तक खेतों के ऊपर से निकली लाइनों का इंतजाम नहीं करा पाए हैं।

चिंगारी ने जलाई थी ढाई बीघा फसल
भरथना। छह अप्रैल को नगला हरवंश में हाईटेंशन विद्युत लाइन से गिरी चिंगारी से आग लगने से ढाई बीघा खेत में पकी खड़ी गेहूं की फसल जल गई थी। ग्रामीणों ने आधा घंटे बाद आग बुझाई थी। पीड़ित बटाईदार नेम सिंह के अनुसार वह कस्बा निवासी अरविंद वर्मा के 10 बीघा खेत का बटाईदार है। पीड़ित का कहना था कि उसने विभाग से कई बार तार हटाने की गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन


दो बीघा फसल हो गई थी राख
बसरेहर। कृपालपुर गांव में 10 अप्रैल को किसान राधेश्याम के खेत में ऊपर से निकले बिजली के तारों में स्पार्किंग से आग लग गई थी। इसमें उनकी दो बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी। किसान का कहना है कि खेतों के ऊपर से निकले तारों को कई बार कहने के बाद भी नहीं हटवाया। कटौती होने पर खेत बचाने की बात का बहाना बनाते हैं।

चरवाहे पर गिरी थी हाईटेंशन लाइन, गई थी जान
बकेवर। अंदावा क्षेत्र के मड़ैया मल्हान गांव के पास एचटी लाइन का तार टूटकर गिरने से पांच मार्च को मल्हन गांव के श्रीनारायण निषाद की मौत हो गई थी। वह खेतों में बकरियां चराने गए थे। चरवाहा और उसकी बकरी किसानों के सामने तड़पकर मर गई थी। परिजनों ने उस वक्त बिजली विभाग पर आरोप लगाते हुए तार हटवाने की मांग की थी, पर आज तक ऐसा नहीं हो सका।


अधीक्षण अभियंता संदीप अग्रवाल ने बताया कि कटौती रोकने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। हादसों को रोकने के लिए कभी-कभी आपूर्ति बंद करनी पड़ती है। लाइनों को शिफ्ट कराने के लिए भी प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें