थाना क्षेत्र के कैस्त गांव के पास बैटरी की दुकान में हथौडे़ से सिर कूचकर इलेक्ट्रीशियन की हत्या कर दी गई। दुकान मालिक ने बदमाशों द्वारा चार स्कूटी और दस लाख रुपया का सामान लूटकर इलेक्ट्रीशियन की हत्या करने की सूचना पुलिस को दी।
जबकि, इलेक्ट्रीशियन के परिजनों ने दुकान मालिक उत्पीड़न करने और हत्या का आरोप लगाया है, जिस पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
पुलिस लूट के पहलू पर भी जांच कर रही है। घटना से आक्रोशित लोगों के एकत्रित होने से कानपुर-आगरा हाईवे पर करीब आधे घंटे आवागमन बाधित रहा।
हाईवे पर महाकाल शक्ति सोलर इनवर्टर बैटरी के नाम से विकास पाठक की दुकान है।
विकास के अनुसार शुक्रवार की सुबह लगभग साढ़े 8 बजे विकास पाठक दुकान पर पहुंचे और वहां पहले से मौजूद इलेक्ट्रीशियन राजीव कुमार (20) उर्फ कालीचरन पुत्र अशोक कुमार जाटव को आवाज लगाई।
जवाब नहीं मिलने पर फोन भी मिलाया, लेकिन कोई वह भी बंद आया। इस पर विकास शटर उचकाया दुकान के अंदर पहुंचा तो सामान बिखरा पड़ा था और राजीव का शव लहूलुहान पड़ा था।
इस पर विकास ने अपने पार्टनर जितेंद्र तोमर उर्फ शीलू और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक अंजन कुमार पुलिस बल के घटनास्थल पर पहुंच गए।
प्रभारी निरीक्षक अंजन कुमार और सीओ उत्तमचंद्र ने बताया कि शव के आसपास रस्सियां पड़ी थीं और पास में ही एक हथौड़ा मिला है। इस पर खून और बाल लगे हैं। दुकान मालिक विकास पाठक ने बताया कि शोरूम से बैटरियां, सोलर पैनल और चार स्कूटी समेत करीब दस लाख रुपये का माल गायब है।
पुलिस ने छानबीन के दौरान एक स्कूटी नहर पुल के पास से बरामद की है। वहीं राजीव के पिता अशोक ने दुकान के मालिक विकास पर आरोप लगाया है।
उसना कहना है कि गुरुवार रात आठ बजे विकास उनके बेटे राजीव को जबरन घर से ले गया था उसी रात में हथौड़ा मारकर हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि विकास के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और लूट के पहलू पर भी जांच की जा रही है।
वहीं डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए हैं। इधर, घटना की जानकारी होते ही आसपास के लोग जमा हो गए। इससे कानपुर-आगरा हाईवे पर जाम लगने लगा और आधे घंटे यातायात प्रभावित हुआ।
इसी दौरान एसडीएम ज्योत्सना बंधु ने मौके पर पहुंचकर जमा लोगों को हटवा दिया।
एसपी सिटी रामयश सिंह ने बताया कि हत्या के खुलासे के लिए चार टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही इस घटना का पर्दाफाश किया जाएगा। हत्या में उपयोग किए गए हथौड़े को भी पुलिस ने बरामद किया है।
पिता अशोक ने बताया कि राजीव कुमार दूसरे नंबर का था। सबसे बड़ा भाई अमित कुमार, तीसरे नंबर का रामू, चौथे नंबर का विशाल और पांचवें नंबर का रिंकू है। बताते हैं कि राजीव कुमार काफी सालों से दुकान पर काम कर रहा था। वह अक्सर रात में यही रुक जाता था।