इटावा। शासन ने जिले में 400 केवी के नए सब स्टेशन के निर्माण का प्रस्ताव दिया है। शर्त यह है कि अगर जिले में 20 एकड़ जमीन बिजली विभाग को मिल जाएगी तो यहां सब स्टेशन बना दिया जाएगा। यदि जमीन नहीं मिली तो यह प्रस्ताव शासन में वापस चला जाएगा। अब सारा दारोमदार जमीन की उपलब्धता पर निर्भर है। अभी तक पनकी और मैनपुरी के सहारे चलने वाली विद्युत आपूर्ति इस सब स्टेशन के बन जाने से सीधे ग्रिड से जुड़ जाएगी। इससे जनपदवासियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिलने लगेगी।
जिले की 471 ग्राम पंचायतों के 706 राजस्व गांवों में 15 लाख से अधिक आबादी है। यहां की बिजली आपूर्ति के लिए 33 केवी के 54 सब स्टेशन बनाए गए हैं। इन सब स्टेशनों को कुनैरा, टकरूपुरा एवं सिरसा बीबामऊ के 132 केवी के तीन सब स्टेशनों एवं 220 केवी के सैफई एवं भरथना में स्थित दो सब स्टेशनों से जोड़ा गया है। इन सब स्टेशनों पर 400 केवी कानपुर पनकी और मैनपुरी से बिजली सप्लाई की जाती है। ये दोनों स्टेशन पावर ग्रिड से जुड़े हैं।
जिले में पावर सप्लाई का कंट्रोल पनकी के पास रहता है। वहां ग्रिड ओवरलोड होने अथवा इटावा मैनपुरी की लाइन में तकनीकी खराबी आ जाए तो लोगों बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। यदि इटावा में 400 केवी का सब स्टेशन बन जाता है तो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि होगी। इसके साथ यहां की जनता को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता राहुल बाबू ने बताया कि पावर कॉरपोरेशन की तरफ से इटावा जिले को 400 केवी का पावर हाउस देने का प्रस्ताव आया है। नियम के अनुसार पहले इसके लिए आवश्यक 20 एकड़ भूमि उपलब्ध करानी होगी। भूमि का मुआयना करने के बाद प्रस्ताव स्वीकृत होते ही बजट आवंटित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जगह तलाशने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से भी अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि पावर ग्रिड से इटावा के जुड़ जाने से भविष्य में इटावा को काफी लाभ मिलेगा।