एसपी देहात सत्यपाल सिंह ने पुलिस लाइन सभागार में बताया कि इटावा स्थित बलरई थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव के जयवीर सिंह की दो बेटियों शिल्पी (7) और रोशनी (5) की रविवार शाम गला काटकर हत्या कर दी गई थी। इस पर पुलिस के साथ ही फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची थी।
मामले की गहनता से जांच की गई तो घर में बड़ी बहन अंजली (19) के कपड़े सूखते हुए मिले। शाम को कपड़े धोने की जानकारी करने पर कोई सही जवाब नहीं दे सका। इसके बाद फोरेंसिक टीम को घर के आंगन में पड़े टिनशेड में रखा फावड़ा मिला। इसे भी पूरी तरह साफ किया गया था। कुछ खून के हल्के छींटे दिखने पर फोरेंसिक टीम ने उसकी जांच की। सूख रहे कपड़ों की जांच करने में खून लगे होने की बात पता चली।
इस पर अंजली से सख्ती से पूछताछ की तो उसने वारदात को अंजाम देने का सच बताया। कहा कि शिकायत करने से नाराज होकर उसने आपा खो दिया और अपनी बहनों की फावड़ा मारकर हत्या कर दी। आरोपी अंजली को गिरफ्तार करके पुलिस ने जेल भेज दिया। मृत बच्चियों का सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार करा दिया गया है।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
रविवार रात दो सगी बहनों की हत्या के बाद अंतिम संस्कार उनके पैतृक निजी जमीन पर कर दिया गया। इस दौरान भारी पुलिसबल व सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने दोनों बच्चियों को अंतिम विदाई दी। इस घटना के बाद गांव में जगह-जगह चर्चाओं का दौर बना रहा। सोमवार शाम पांच बजे दोनों मासूम बच्चियों के अंतिम संस्कार के लिए एसपी सिटी कपिल देव सिंह व सीओ अतुल प्रधान के अलावा जनपद के विभिन्न थानों का फोर्स मौजूद रहा।
इस दौरान पूर्व ब्लाक प्रमुख अनुज मोंटी यादव व अन्य लोग मौजूद रहे। उधर, रात में आईजी प्रशांत कुमार ने भी रविवार रात करीब 12 बजे घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की थी। उन्होंने एक-एक कर सभी परिजनों से अलग-अलग बातचीत की। इसके बाद इटावा व कानपुर की फोरेंसिंक टीम व डॉग स्क्वायड को भी घटनास्थल पर बुला लिया गया। खोजी कुत्ते मृतक बहनों के घर से बाहर बने घेरे तक गए और वहां से लौट आए।