इटावा। वन्यजीवों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति स्कूली बच्चों को जागरूक करने के उद्देश्य से गोष्ठी का आयोजन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में किया गया। इसमें बच्चों को वन्य जीवों के बारे में बताया गया।
वन विभाग इटावा एवं सोसाइटी फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में वन क्षेत्राधिकारी बढ़पुरा अजय कुमार त्रिपाठी ने कहा कि हमारे देश में वन्यजीव व वनस्पतियां प्रचुर मात्रा में मिलती हैं। हमारे प्राकृतिक संसाधनों का लगातार ह्रास होता जा रहा है। इसमें न केवल उसमें पाए जाने वाले जीव जंतुओं पर खतरा मंडरा रहा है। बल्कि हमारे लिए भी जीवन का संकट खड़ा हो रहा है।
वार्डन सुमन परिहार ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहर के बच्चों को जनपद स्तरीय मंच पर लाकर उनमें आत्मविश्वास पैदा करना है। इसके साथ ही वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति भावना पैदा करना है।
वन दरोगा ताबिस अहमद ने कहा कि एक वन की जब कल्पना करते हैं तो मन सोचकर ही प्रसन्न हो जाता है। वो हरा भरा वातावरण, चिड़ियों का चहकना, पशु पक्षियों का डालियों पर झूलना, मधुमक्खियों तथा तितलीयों का अंबार हमारे वन बाहरी रूप से जितने शांत मालूम पड़ते है। असल में उतने ही जीवंत होते हैं।
स्कॉन सचिव वन्यजीव विशेषज्ञ संजीव चौहान ने आवाहन करते हुए कहा कि आप अपने आसपास पाए जाने वाले पेड़ -पौधे जलीय जीव, पक्षियों एवं वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाएं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डिप्टी सिंह, मनोज दीक्षित, संतोष कुमार, रविंद्र मिश्रा, सुरेंद्र चंद्र ,मीनाक्षी शुक्ला, सूर्यप्रभा, विनीता कुमारी एवं भूपेंद्र भदौरिया का योगदान रहा।