गोरा दयालपुर मतदान केंद्र के जिन दो बूथों के मतदान कार्मिकों को प्रशासन ने निलंबित किया है। उसे लेकर शिक्षकों में पैदा हुई नाराजगी थमती नहीं दिख रही। रविवार को माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ की एक बैठक संगठन के संयोजक आशाराम मिश्र के आवास पर हुई। जिसमें एक स्वर से निलंबन वापस लिए जाने की मांग की गई।
साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि निलंबन वापस न लिया गया तो शिक्षणेत्तर कर्मचारी चौथे चरण के चुनाव ड्यूटी का बहिष्कार करेंगे। संघ ने नेताओ ने कहा कि बसरेहर ब्लाक के मतदान केंद्र गोरा दयालपुर के बूथ संख्या 53 व 54 में हुई बूथ कैप्चरिंग के लिए मतदान अधिकारी दोषी नहीं हैं और न ही उनके स्तर से कोई त्रुटि हुई है।
लेकिन प्रशासन अपनी कमी का ठीकरा मतदान कर्मियों को निलंबित कर छ़िपाना चाहता है। यह मतदान कर्मियों के साथ अन्याय है। बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि निलंबित मतदान कर्मियों का निलंबन तत्काल वापस लिया जाए। नहीं तो माध्यमिक शिक्षणेत्तर कर्मचारी आगामी चुनाव की ड्यूटी नहीं करेंगे।
इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। यदि इसके बाद भी निलंबन वापस न हुआ तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि बूथ कैप्चरिंग रोकने का काम पुलिस व प्रशासन को होता है। इसके लिए मतदान कर्मियों को बलि का बकरा बनाया जाना न्याय संगत नहीं है।