फोटो: 23 सूखा पड़ा नगला तौर स्थित अमृत सरोवर
- ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर सरोवर बदहाल स्थिति में, पानी के लिए भटक रहे जानवर
- तालाबों के आसपास घास-फूस और कचरे का अंबार
संवाद न्यूज एजेंसी
जसवंतनगर। तेज गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में बने अमृत सरोवर और मनरेगा तालाब सूखकर बदहाल स्थिति में पहुंच गए हैं। लाखों रुपये की लागत से बनाए गए यह तालाब सिर्फ दिखावा बनकर रह गए हैं। प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद अब तक तालाबों में पानी भरवाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई जिससे पशु-पक्षियों के सामने गर्मी शुरू होते ही पेयजल संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीण सुरेश, अंकित, पहलवान, सर्वेश, अंकुश, ब्रज भूषण आदि का कहना है कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में तालाबों में पानी भरवाने की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन इस बार प्रशासनिक उदासीनता के चलते तालाब सूखे पड़े हैं। इन तालाबों को भरने के लिए ब्लॉक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। ग्राम पंचायत नगला तौर स्थित अमृत सरोवर की स्थिति अत्यंत दयनीय है।
पूरे सरोवर में पानी के नाम पर केवल एक कोने में कीचड़ बचा है। इससे गांव के पशु, पक्षी और छुट्टा जानवर पानी के लिए भटक रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्यास बुझाने के लिए जानवर अब बस्तियों की ओर आ रहे हैं वहीं जंगली जानवरों की आवाजाही भी बढ़ गई है, जिससे खतरे की आशंका बनी हुई है। स्थिति यह है कि सरोवर का मुख्य गेट बंद है और अंदर पशु चरते देखे जा रहे हैं। पंचायत क्षेत्र से गुजरने वाली खारजा झाल भी पूरी तरह सूख चुकी है जिससे पानी का कोई वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार कर्मचारी बारिश का इंतजार कर रहे हैं जबकि तालाबों में तुरंत पानी भरे जाने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अमृत सरोवरों में शीघ्र पानी भरवाकर पशु-पक्षियों को राहत दी जाए।
जिले में 109 अमृत सरोवरों का निर्माण मनरेगा के तहत किया गया है लेकिन रख-रखाव की कमी, इंजीनियरिंग खामियों और पानी के स्रोतों से जुड़ाव न होने के कारण इनमें से अधिकांश सूखे और उपेक्षित पड़े हैं। बहादुरपुरघार जैसे क्षेत्रों में तालाबों के आसपास घास-फूस और कचरे का अंबार है जिससे योजना का उद्देश्य विफल हो रहा है।
अमृत सरोवरों की वर्तमान स्थिति
जिले में कुल 109 अमृत सरोवरों के निर्माण का कार्य हाथ में लिया गया था लेकिन कई स्थान केवल कागजों में विकसित दिख रहे हैं। अधिकांश सरोवरों में पानी नहीं है क्योंकि उन्हें वर्षा जल संचयन या नहरों (माइनर) से ठीक से नहीं जोड़ा गया है। महेवा विकास खंड के बहादुरपुरघार सहित कई जगहों पर सरोवरों के आसपास गंदगी, घास-फूस और अव्यवस्था है जो वहां के सुंदरीकरण के उद्देश्य के विपरीत है। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी खंड विकास अधिकारियों को इन सरोवरों को नहरों से जोड़ने और ठीक कराने के निर्देश दिए हैं।
वर्जन
कस्बा क्षेत्र में जो तालाब सूखे हुए हैं उनमें जल्द से जल्द पानी भरवाया जाएगा। इसके लिए सभी ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया गया है। कहीं में लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-देवेंद्र सिंह, एडीओ पंचायत