प्राचीन कालीबांह मंदिर में शनिवार को मातारानी का भव्य शृंगार किया गया। देवी भक्तों ने मंदिर में पहुंचकर माता रानी के मनमोहक शृंगार के दर्शन कर पूजा अर्चना की। देर रात तक भक्तों के आने जाने का सिलसिला चलता रहा।
नवरात्र के पूरे होने के बाद द्वादशी पर प्राचीन कालीबांह मंदिर में माता का शृंगार किए जाने की परंपरा सालों पुरानी है। इसी परंपरा के अनुसार शनिवार को सबसे पहले माता का रूद्राभिषेक और जलाभिषेक किया गया और इसके बाद स्वर्ण आभूषण पहनाकर माता को नए वस्त्र अर्पित किए गए।
इसके साथ ही ताजा फूलों की माला के साथ बीड़ा अर्पित किया गया और नारियल व मिष्ठान का भोग लगाया गया। शाम साढ़े छह बजे मंदिर के पट देवी भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिए गए। पट खुलने के काफी पहले ही माता के दर्शन के लिए देवी भक्तों की लंबी कतार लग गईं।
उधर शहर के कई अन्य देवी मंदिरों में भी माता रानी का मनमोहक शृंगार किया गया और देवी भक्त माता के दर्शन को देर रात तक मंदिर पहुंचते रहे।