जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने विकास भवन के प्रेरणा सभागार में विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों की समीक्षा की। आयुष्मान योजना की प्रगति खराब पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की।
आयुष्मान डीपीसी (डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर) डॉ. आशीष तिवारी का वेतन रोके जाने के निर्देश दिए। पंचायतों में विद्युत बिल की धनराशि बकाया पाए जाने पर असंतोष व्यक्त किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री सहभागिता योजना की समीक्षा में प्रगति खराब पाए जाने पर पट्टा धारक, आवास योजना के लाभार्थियों को गोवंश दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह योजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में है। इस पर विशेष ध्यान दिया जाए।
जिलाधिकारी ने आयुष्मान योजना की प्रगति खराब पाए जाने पर कहा कि शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना में अभियान चलाकर पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड प्राथमिकता से बनाएं । जननी सुरक्षा योजना में शत प्रतिशत भुगतान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना की लाभार्थियों का भुगतान न होने के कारण जनपद की रैंकिंग खराब हो रही है। अत: इसे सुधारा जाए।
उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाएं , निर्माण एजेंसियों से अधूरे निर्माण कार्य पूर्ण गुणवत्ता एवं मानक के अनुसार निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मनरेगा योजना में पाया कि 47 लाख 85 हजार मानव दिवस सृजित लक्ष्य के सापेक्ष अभी 72 प्रतिशत मानव दिवस सृजित किए गए हैं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रेरणा सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा एनएस तोमर कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह उपस्थित रहे।