चिकित्सक का कार्य कोविड-19 के दौरान बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। कोरोना काल में कोविड-19 अस्पताल में लगे सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी इस गंभीर जिम्मेदारी को पूरी तन्मयता से निभा रहे हैं।
ये बातें चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई के कुलपति प्रो. राजकुमार ने कहीं। बुधवार को डॉक्टर्स-डे पर विश्वविद्यालय की कोर कमेटी ने प्रगति मीटिंग के बाद सोशल डिस्टेंन्सिंग का पालन करते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें कुलपति प्रो. राजकुमार को कमेटी की ओर से सम्मानित किया गया।
कोविड-19 महामारी के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से दी जा रही चिकित्सकीय सेवाओं व कुशल नेतृत्व के लिए डॉक्टर्स डे पर विश्वविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजकुमार ने कहा कि बेहतरीन चिकित्सीय सेवाओं व कुशल नेतृत्व की बदौलत कोविड-19 अस्पताल से बड़ी संख्या में पॉजिटिव मरीज ठीक होकर अपने घरों को जा रहे हैं।
यह विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर्स डे डॉ. विधानचंद्र रॉय को श्रद्धांजलि एवं सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। डॉ. विधानचंद्र रॉय पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री भी थे।
चिकित्सा जगत एवं अन्य सामाजिक कार्यों में उनके बेहतरीन योगदान को देखते हुए उन्हें 4 फरवरी 1961 को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी सम्मनित किया गया।
इस दौरान प्रतिकुलपति डॉ. रमाकांत यादव, संकायध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आदेश कुमार, अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह, ओएसडी कोविड-19 शैलेंद्र कुमार यादव, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा, ओएसडी जयशंकर प्रसाद मौजूद रहे।