ताखा क्षेत्र के उदयपुरा कला गांव में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने रचनाएं सुनाकार श्रोताओं की वाहवाही लूटी। खासकर श्रृंगार रस के प्रसिद्ध कवि विष्णु सक्सेना ने श्रोताओं की जमकर तालियां बटोरी। मुख्य अतिथि मैनपुरी के सांसद तेजप्रताप यादव ने इस मौके पर कवियों का सम्मान किया।
रामगंगा कमांड के परियोजना निदेशक दिनेश यादव के उदयपुर कला गांव में उनके पुत्र सपा नेता प्रशांत यादव ने इस कवि सम्मेलन का आयोजन किया।
कवि विष्णु सक्सेना की इन पंक्तियों में कहा कि आसमां छू लो अगर तुम तो भूल मत जाना, ये है डोला गुरुर का झूल मत जाना, करो भला जो तुम किसी का तो याद मत रखना, करे अगर कोई भला तुम्हारा तो भूल मत जाना, पर पूरा सदन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
आगरा के पवन आगरी ने अपने हास्य व्यंग्य से लोगों को गुदगुदाया। जयपुर के सुरेंद्र सार्थक ने मां की ममता और उसके जुझारुपन को सहज अंदाज में कहा कि हमारे पालन पोषण में कलेजा चीर देती है, खुशी भरपूर देती है, अकेली बैठकर रोटियां रूखी खा लेती है, अगर तुम मांगो तो खीर देती और मां जिद पर आ जाए तो तकदीर बदल देती है।
मंच संचालन करते हुए मैनपुरी के बलराम श्रीवास्तव ने अवध से राम की इतनी दूरी नहीं होती कविता सुनाकर लोगों की वाहवाही हासिल की। वहीं कवि कमलेश शर्मा ने राम के आदर्श को रचना के माध्यम से वर्णित किया।
मथुरा की पूनम वर्मा ने मैं प्रीत की पुजारिन ब्रजधाम ढूढ़ती हूं को भी लोगों ने सराहा। कवि मुन्नालाल सौरभ, देेवेंद्र नटखट झांसी, अवनीश कुमार फर्रुखाबाद ने भी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं की प्रशंसा बटोरी।
इससे पूर्व छात्रसभा मैनपुरी के जिलाध्यक्ष प्रशांत यादव व उनके पिता दिनेश यादव ने सांसद श्री यादव को चांदी का मुकुट पहनाकर स्वागत किया।