लंबे इंतजार के बाद टीईटी पास अभ्यर्थियों को नौकरी मिल गई। मंगलवार को डायट से इन चयनित आवेदकों को नियुक्ति पत्र दे दिए गए। नियुक्ति पत्र पाकर अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे।
जिले में 500 पदों के मुकाबले 393 अभ्यर्थियों को चयनित किया गया। जिन्हें 400 स्कूलों की लिस्ट में च्वाइस के अनुसार तैनाती दी गई। फिलहाल यह चयनित टीचर छह माह की ट्रेनिंग अवधि पूरी करेंगे। उसके बाद स्थायी नियुक्ति मिलेगी।
डायट में सुबह से ही नियुक्ति पत्र मिलने की आस लेकर चयनित अभ्यर्थियों का जमावड़ा लग गया था। यहां परिसर में 393 चयनित अभ्यर्थियों की सूची चस्पा कर दी गई थी।
जिसमें अपना नाम देखकर आवेदकों के चेहरों पर संतुष्टि के भाव आते रहे। डायट प्राचार्य ओपी सिंह और बीएसए जेपी राजपूत की देखरेख में नियुक्ति पत्र बांटने की प्रक्रिया शुरू हुई।
नियुक्ति पत्र बांटने के लिए एक काउंटर लगाया गया। जहां बीएसए श्री राजपूत के अलावा चार अन्य खंड शिक्षाधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। तैनाती के लिए कुल 400 स्कूलाें की सूची तैयार की गई। पहले महिला अभ्यर्थियों को उनकी च्वाइस के हिसाब से स्कूल दिए गए।
इसमें भी विकलांगाें को प्राथमिकता दी गई। उसके बाद सामान्य, ओबीसी और फिर अनुसूचित जाति के अभ्यर्थी रहे।
मौसम को देखते हुए दोपहर करीब 12 बजे से नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया शुरू हो पाई। शाम तक करीब डेढ़ सौ अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। जबकि यह प्रक्रिया करीब रात नौ बजे तक चालू रही।
उधर श्री सिंह अभ्यर्थियों की समस्याओं को निपटाते रहे। डायट प्राचार्य श्री सिंह ने बताया कि उपस्थित अभ्यर्थियों को नियु
क्ति पत्र उपलब्ध कराने तक प्रक्रिया चालू रखी गई।
डायट में ऐसे अभ्यर्थियों को मायूसी हाथ लगी। जिनका नाम तो चयन सूची में रहा लेकिन उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए। दरअसल जिले में कुल 500 पदों पर चयन होना था। इनमें से 44 शिक्षामित्र, 33 विशेष आरक्षित और 8 अनुसूचित जनजाति के पद रिक्त रहे।
इस तरह कुल 415 पदों पर ही चयन किया गया। इन 415 में 22 अभ्यर्थी ऐसे रहे, जो मैरिट के आधार पर चयनित हो गए, लेकिन उनकी टीईटी परीक्षा के प्राप्तांक और शैक्षिक संस्थान का सत्यापन पूरा न होने की वजह से नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए।
इस संबंध में डायट प्राचार्य ओपी सिंह ने बताया कि इन 22 अभ्यर्थियों में 17 के टीईटी परीक्षाफल की सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। जबकि 5 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने जिन शैक्षिक संस्थानों से शिक्षा अर्जित की है। उनकी वैधता की रिपोर्ट आनी बाकी है।