कुपोषित बच्चों के साथ ग्रामीण जनता के स्वास्थ्य,
पर्यावरण को बचाने एवं बचत की आदत को विकसित करने के लिए बढ़पुरा ब्लाक के
गांव मानिकपुर में डीएम नितिन बंसल ने आरोग्य श्री योजना की शुरुआत की।
इस
योजना में राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत आने वाली सभी योजनाओं के साथ ही बचत
विभाग, श्रम विभाग एवं पर्यावरण विभाग को शामिल किया गया है।
मानिकपुर
गांव में आयोजित कार्यक्रम में डीएम ने राष्ट्रीय बचत की सुकन्या समृद्धि
योजना के तहत गांव की अति करीब तीन बच्चियों के खाते स्वयं धनराशि देकर
खुलवाए।
यह खाते एक-एक हजार रुपये से रचना पुत्री रीना, नव्या
पुत्री देवेंद्री, राधिका पुत्री मालती के खोले गए। इस अवसर पर वृक्षों को
बचाने के लिए सहायक निदेशक (बचत) प्रभात मिश्र द्वारा चलाए जा रहे रेड टेप
मूवमेंट के तहत डीएम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बरगद के पेड़ पर लाल फीता
बांधा तथा पौधारोपण करते हुए लोगों से वृक्षों को बचाने की अपील की। इस
अवसर पर उन्होंने वन विभाग के सहयोग से खुद ग्रामीणों को पौधों का वितरण
किया।
उन्होंने बताया कि आरोग्य श्री योजना जिले के 120 गांवों में
कुपोषण को मिटाने के लिए चलाई जाएगी। इस योजना के तहत बच्चों का मुफ्त
इलाज, विटामिन और मिनरल की गोलियों का वितरण, गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य
परीक्षण एवं उनको खाद्य वितरण शामिल हैं।
आरोग्य श्री की रेगुलर
मानीटरिंग की जाएगी। आरोग्य श्री की मानीटरिंग का दायित्व संभाल रहे अनिल
कुमार सिंह ने कहा कि जिले को वित्तीय वर्ष 2015-16 में ही कुपोषण मुक्त
बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए सभी नौ विभाग मिलकर काम
करेंगे।
योजना का मुख्य उद्देश्य कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों
एवं गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य लाभ देना है। चयनित गांवों के निवासियों
को आरोग्य बनाना है। जिलाधिकारी ने पौधरोपण भी किया।
इस अवसर पर
स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायतीराज विभाग, खाद्य
एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, बचत विभाग, पर्यावरण एवं
स्वास्थ्य, श्रम विभाग ने अपने अपने स्टाल लगाए तथा विभागों में चल रही
योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान प्रभारी जिला कार्यक्रम
अधिकारी मनोज कुमार वर्मा, परियोजना निदेशक अनिल कुमार, सीएमओ डा.
राजकुमार नैय्यर सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।