जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शुक्रवार को कर्वा बुजुर्ग में आयोजित विशेष सफाई अभियान का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं हाथ में फावड़ा थामकर नालियों में एकत्रित कूड़ा कचरा को बाहर निकालकर ग्रामवासियों को संदेश दिया कि वह भी इसी प्रकार से प्रतिदिन अपने-अपने घरों के सामने नालियों, सड़कों की सफाई करें तो निश्चित ही पूरा गांव साफ सुथरा रहेगा। कूड़ा करकट को एक स्थान पर डाले, खुले में शौच न करें, अपने बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें, उन्हें प्रतिदिन स्कूल भेजे और सभी टीके लगवाये, चकरोड,ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा न करें। डीएम ने गांव में सुधार न होने पर प्रधान को वित्तीय अधिकार छीनने का अल्टीमेटम दिया है।
उन्होंने गांव वालों से कहा कि इस सफाई अभियान का मुख्य उद्देश्य है कि सफाई के प्रति जागरूक करना, सफाई रखने के लिए प्रेरित करना है, लोगों को गंदगी से होने वाले दुष्प्रभावों, गंदगी से होने वाली बीमारियों के प्रति सजग रहने की जानकारी देना है।
जिलाधिकारी ने सफाई अभियान के दौरान पाया कि पृथ्वी पाल ने अपने घर के सामने बनी नाली पर पत्थर की पटिया डालकर पाट रखा था, राजू के घर के सामने गांव के महेश ने नाली को पत्थर पटिया से पाटकर उस पर जानवर बांधें जा रहे थे, जिनको मौके पर हटवाकर हिदायत दी कि भविष्य में नालियाें पर अनाधिकृत रूप से कब्जा न करें, नालियां खुली रहे। इसके बाद आगे निरीक्षण में पाया कि नाली का पानी कैलाश दुबे के खेत में इकट्ठा हो रहा था, उसकी निकासी की व्यवस्था नहीं थी। डीएम ने मौके पर अपने सामने नाली खुदवाकर पानी की निकासी को पाइप डलवाया। उन्होंने सड़क के किनारे घूरा, कंडे एकत्रित कर अनाधिकृत कब्जा किए लोगों से तत्काल हटाने को कहा।
मुख्य विकास अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने भी गांववासियों से कहा कि वह अपने घरों के आसपास सफाई रखें घर से निकलने वाला कूड़ा सड़क पर इधर उधर न डाले, बल्कि उसके एक निश्चित स्थान पर डालें। गंदगी से आपका बच्चा किसी गंभीर बीमारी की चपेट आ जाता है।
कर्वा बुजुर्ग गांव को 4 सेक्टरों में विभाजित कर गांव में सफाई कराने की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी गई। ग्रामवासियों की चकरोड की पैमाइश कराए जाने की मांग पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान को मेरी मिट्टी मेरा गांव के तहत तालाब की खुदाई कर चकरोड पर मिट्टी डलवाए जाने के निर्देश दिए।
इससे पहले गांव में गंदगी से बजबजाती नालियों को जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान को गांव की गंदगी व दुर्दशा सुधारने के लिए चार दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर चार दिन में व्यवस्था का सुधार नहीं होता तो वित्तीय अधिकार लेकर कमेटी गठित कर कार्य सुचारू रूप से कराया जाएगा।
इस अवसर पर तहसीलदार गजराज सिंह, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. वीरेंद्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी रामबरन यादव, खंड विकास अधिकारी महेवा राजाराम, सहायक जिला पंचायतराज अधिकारी रोहित कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।