इटावा। शहर के मोहल्ला भरथना चौराहा में बुधवार को डेंगू से बीटीसी की छात्रा की मौत हो गई। उसका दिल्ली के एम्स में इलाज चल रहा था। अजीतनगर में डेंगू के नौ मरीज सामने आए हैं। जिला अस्पताल में भी चार और मरीजों में डेंगू के प्राथमिक लक्षण मिले हैं। डेंगू से मरने वालों की संख्या 10 और मरीजों की संख्या 130 से अधिक पहुंच गई है।
भरथना चौराहा निवासी कुलदीप तिवारी ने बताया कि छोटी बहन पुष्पा (36) पत्नी मिथलेश त्रिपाठी शहर के निजी कॉलेज में बीटीसी अंतिम सेमेस्टर की छात्रा थी। मिथलेश निजी स्कूल में शिक्षक हैं। कुलदीप ने बताया कि पुष्पा शनिवार को बुखार की चपेट में आई थी। शहर में निजी डॉक्टर की दवा से आराम न मिलने पर आगरा के अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डेंगू की पुष्टि हुई, हालत में सुधार न होने पर दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह इलाज के दौरान पुष्पा ने दम तोड़ दिया। पुष्पा के दो बच्चे हैं।
मोहल्ला अजीतनगर में भी डेंगू फैला है। इस मोहल्ले में सिंचाई विभाग में बाबू सुदीप कमल, जिला अस्पताल में लैब टेक्नीशियन अरुणेश कुमार का पुत्र दिव्यांश, दुकानदार अवधेश कुमार सिंह, सेवानिवृत्त फौजी शंभूदयाल की पत्नी रतन देवी , बेटी दीपिका और बहू कल्पना को निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। शंभूदयाल ने बताया कि जिला अस्पताल की जांच प्राथमिक लक्षण मिलने पर सैफई रेफर किया था, वहां न जाकर शहर के निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। बताया कि बेटी करहल में एएनएम है। सभासद के प्रतिनिधि सुनील दत्त आंबेडकर ने बताया की मोहल्ले की डेंगू पीड़ित पुष्पा देवी आगरा में भर्ती हैं। रजनी देवी और रोडवेज वर्कशाप कर्मी मोहित सिंह का निजी डॉक्टर से इलाज चल रहा है। निजी पैथोलॉजी की जांच में इन लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई है।
सुनील दत्त का कहना था कि सफाई में नगर पालिका कर्मी लापरवाही बरतते हैं। न ही सफाई होती और न ही फॉगिंग कराई जाती है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने मोहल्ले में एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं कराया है।
उधर, जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में बुधवार को 23 बुखार के मरीजों ने डेंगू की जांच कराई। इसमें से चार में डेंगू के प्राथमिक लक्षण मिले हैं। इनमें ग्राम नगला वार के पप्पी, पक्का बाग के सर्वेश, मैनपुरी फाटक निवासी मुख्तियार तथा ग्राम नगला भिखन की ज्योति शामिल हैं।