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युवक की मौत पर जिला अस्पताल में तोड़फोड़, दो घंटे हंगामा

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रिषभ की फाइल फोटो - फोटो : ETAWHA
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इटावा। सिविल लाइन थानाक्षेत्र के कांशीराम कॉलोनी में शनिवार दोपहर युवक ने फांसी लगा ली। परिजन युवक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर शव मोर्चरी में रखवा दिया। तभी परिजन डाक्टरों से युवक की सांसें चलने की बात कहने लगे। डाक्टरों के नहीं सुनने पर परिजनों ने जिला अस्पताल में तोड़फोड़ की और मोर्चरी के गेट का ताला तोड़कर शव को दूसरे अस्पताल ले गए। यहां भी मृत घोषित होने पर वह शव को घर ले जाने लगे तभी पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। इस बात से नाराज परिजनों ने डीएम चौराहे पर दो घंटे तक हंगामा किया।
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सिविल लाइन थानाक्षेत्र के एआरटीओ स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी ऋषभ कुमार (20) ट्रक चालक था। ऋषभ के चचेेरे भाई पवन ने बताया कि शनिवार दोपहर ऋषभ की मां राधा देवी, एक ऑटो से रिश्तेदार को छोड़ने बस स्टैंड गई थी। वह घर लौटी तो बेटे का शव लटका देख रोने लगी। तभी पड़ोसी व अन्य परिजन मौके पर पहुंचे और युवक को फंदे से उतारकर जिला अस्पताल ले गए, यहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डाक्टरों ने पुलिस को सूचना देकर शव मोर्चरी में रखवाया। पवन के अनुसार परिजनों ने मोर्चरी की खिड़की से झांका तो उन्हें लगा कि युवक की सांसे चल रही हैं। परिजनों ने यह बात डाक्टरों को बताई तो उन्होंने अनसुनी कर दी। गुस्साएं परिजनों ने जिला अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसके बाद मोर्चरी के गेट का ताला तोड़कर शव को निकाला और दूसरे अस्पताल ले गए, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से कांशीराम कॉलोनी ले जाते समय रास्ते में पुलिस फोर्स ने शव को कब्जे में ले लिया।
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परिजन सिविल लाइन थाना पुलिस पर शव छीनने व अभद्रता करने का आरोप लगाकर डीएम चौराहा पर हंगामा करने लगे। इस दौरान सिविल लाइन थाना प्रभारी रमेश सिंह से परिजनों व महिलाओं की नोकझोंक हो गई। एसपी सिटी प्रशांत कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे। परिजन जिला अस्पताल के डॉक्टरों और पुलिस पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। एसपी ने परिजनों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसपी सिटी प्रशांत कुमार ने बताया कि परिजनों से पूछताछ कर आरोपों की जांच की जा रही है। अस्पताल के सीसीटीवी में कैद तोड़फोड़ के आरोपियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम भेजा गया है।
एक माह पहले युवक की बहन ने लगाई थी फांसी
छह फरवरी को ऋषभ की 15 वर्षीय बहन ने पड़ोसी युवक व उसके परिजनों की यातनाओं से परेशान होकर घर में फांसी लगा आत्महत्या कर ली थी। पुलिस इस संबंध में दो आरोपियों को जेल भेज चुकी है। चार आरोपी अभी फरार हैं। युवक की मां ने फरार आरोपियों पर ऋषभ को शुक्रवार रात पीटने का आरोप लगाया। वह शुक्रवार रात को ही आगरा से घर लौटा था। बताया कि वह आरोपियों की पिटाई व उनकी गिरफ्तारी न होने से परेशान था। परिजनों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर भी हंगामा किया।
11 फरवरी को दी थी एसएसपी कार्यालय में तहरीर
राधा देवी ने 11 फरवरी को एसएसपी कार्यालय में आरोपियों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने व मामले में समझौता का दबाव बनाने का आरोप लगा तहरीर दी थी। आरोप है कि सिविल लाइन थाने के तत्कालीन दरोगा ने मामले में कार्रवाई नहीं की। उल्टा पर परिजनों को ही खरी-खोटी सुनाते रहे। इस समय उनकी तैनाती बकेवर थाने में है।
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