इटावा। दुकान बंद कर घर लौट रहे लोकतंत्र सेनानी की कार की टक्कर से मौत हो गई। गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहर के बादशाह कुली कब्रिस्तान में किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, व्यापारियों, समाजसेवियों तथा विभिन्न वर्गों के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहर के नौरंगाबाद निवासी हनीद (80) उर्फ मीदू मोतीझील क्षेत्र में वाहनों की रिपेयरिंग की दुकान चलाते थे। उनके भतीजे बबलू ने बताया कि बुधवार रात करीब आठ बजे दुकान बंद कर ई-रिक्शा से अपने घर लौट रहे थे। जब उनका ई-रिक्शा जिलाधिकारी चौराहे के पास पहुंचा तभी पीछे से तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार ने ई-रिक्शा में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि वह उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में उनके सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जानकारी मिलते ही परिवार के लोग अस्पताल पहुंच गए। परिजन बिना किसी पुलिस कार्रवाई के शव को अपने साथ घर ले गए। वहीं, हादसे को अंजाम देने वाली कार की तलाश में पुलिस जुट गई है।
हनीद उर्फ मीदू इमरजेंसी के समय वह समाजवादी नेता व पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के साथ समाजवादी आंदोलन से जुड़े रहे और लोकतांत्रिक संघर्ष के दौरान जेल भी गए थे। गुरुवार को बादशाह कुली कब्रिस्तान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस गार्ड ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी।