पहली जनवरी से रसोई गैस में डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर योजना (डीबीटीएल) लागू हो रही है। इसके बाद सब्सिडी उपभोक्ता के बैंक खातों पर पहुंचेगी। इसे लेकर गैस एजेंसियों में इन दिनों उपभोक्ताओं की लाइन लग रही है। जिले में अभी 86 फीसदी गैस कनेक्शनों को बैंक खातों से जोड़ा जाना बाकी है।
जिले में 20 गैस एजेंसियों में करीब डेढ़ लाख कनेक्शन हैं। सरकार रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी को नकद न देकर बैंक खाते में देने जा रही है। इसके लिए रसोई गैस कनेक्शन को उपभोक्ता के बैंक खाते से लिंक किया जाना है। स्थिति ये है कि जिले में अभी महज 14 प्रतिशत रसोई गैस कनेक्शन ही बैंक खाते से जुड़ पाए हैं।
केंद्र सरकार ने पहली जनवरी से गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी को बैंक खातों में भेजने की घोषणा की है। यह राहत भी दी है कि जिनके गैस कनेक्शन बैंक खातों से जुड़ नहीं पाएंगे, उन्हें पूर्व की भांति नकद सब्सिडी की सुविधा मार्च महीने तक मिलती रहेगी। लोगों को डर है कि कहीं पहली जनवरी के बाद सब्सिडी मिलना बंद न हो जाए।
ऐसे में उपभोक्ता डीबीटीएल के फार्म भरकर जल्द से जल्द जमा करने मे जुटे हैं। गुरुवार को क्रिसमस की छुट्टी होने के बाद भी शहर की एजेंसियां खुली रहीं, जहां डीबीटीएल फार्म जमा किए गए।
कोर कमेटी रखेगी प्रगति पर निगाह
शासन के निर्देश पर जिले में डीएम की अध्यक्षता में कोर कमेटी का गठन हुआ है। कमेटी में डीएसओ, एलडीएम, आईओसी अधिकारी शामिल हैं। 24 दिसंबर को कमेटी ने एजेंसी संचालकों के साथ बैठक की थी। डीएसओ सत्यवीर सिंह ने बताया कि एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे डीबीटीएल फार्म जमा होने की सूचना प्रतिदिन दें। उनसे कहा गया है कि गैस उपभोक्ता से बैंक खाते की डिटेल संबंधित फार्म पर लेकर जमा कर लें। बाद में सूची बनाकर बैंकों को उपलब्ध कराएं।